सेंसर की कैंची से फिल्म प्रभावहीन : भंडारकर

सेंसर की कैंची से फिल्म प्रभावहीन : भंडारकर

नई दिल्ली। बॉलीवुड फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा है कि उनकी आने वाली फिल्म 'इंदू सरकार' को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) कुछ ऐसे शब्दों को हटाने के लिये कह रहा है , जिससे फिल्म की कहानी प्रभावित होगी। इंदू सरकार के प्रमोशनल सांग की लांचिंग के लिये यहां पहुंचे मधुर ने यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में कहा कि इस फिल्म की कहानी आपातकाल के दौर की है जिसमें 30 प्रतिशत चीजे सच्चाई से प्रेरित है और 70 प्रतिशत कहानी फिक्शनल है। सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म के संवादों पर उठाये गये सवाल पर मधुर ने कहा, सीबीएफसी ने फिल्म की 17 शब्दों पर आपत्ति जतायी है और लेेकिन हम कट नहीं लगायेंगे। हम अपनी लीगल टीम के साथ विचार करने के बाद आगे का कदम उठायेंगे। सीबीएफ से आधिकारिक पत्र मिलने के बाद फिल्म को दिल्ली के पंचाट (फिल्म ट्राईब्यूनल) में ले जायेंग। केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नजदीकी होने के सवाल पर मधुर ने कहा, अगर मुझे केन्द्र सरकार का समर्थन मिलता तो सीबीएफसी फिल्म पर सवाल नहीं उठाती लेकिन सेंसर बोर्ड ने मुझे आरएसएस, कम्युनिस्ट, किशोर कुमार, जय प्रकाश नारायण जैसे नामों को निकालने को कहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद से ही लोगों इस पर आपत्ति जता रहे है जोकि गलत है। उन्हें पहले यह फिल्म देखनी चाहिये। मधुर ने कहा, इससे पहले भी आपातकाल पर कई वृत्तचित्र फिल्में बनायी जा चुकी है, कई किताबें लिखी गयी है लेकिन कभी इतना विवाद नहीं हुआ, ऐसे में जो अभिव्यक्ति की जो आजादी लेखकों और वित्त को मिल रहा है वह फिल्मकारों को क्यो नहीं। इस मौके पर फिल्म में इंदू सरकार का किरदार निभा रही कीर्ति कुल्हारी ने कहा कि अगर फिल्म में सेंसर बोर्ड के मुताबिक कट लगता है तो इसका सारा मजा किरकिरा हो जायेगा। हमने जो चीज बनायी है अगर दर्शक वो नहीं देख सकें तो मुझे काफी दुख होगा । कीर्ति ने फिल्मों के सेंसर पर सवाल उठाते हुये कहा कि इसका कोई हल निकलना चाहिये और सीबीएफसी को संवेदनशील होना होगा। फिल्म में कीर्ति कुलहारी, नील नितिन मुकेश, अनुपम खेर, तोता रॉय चौधरी और सुप्रिया विनोद ने भूमिका निभाई है। फिल्म में संगीत अनु मलिक और बप्पी लाहिड़ी ने दिया है। 'इंदु सरकार' 28 जुलाई को रिलीज होने वाली है।

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