कावेरी विवाद: मसौदे को लटकाने की कर्नाटक की अर्जी नामंजूर

कावेरी विवाद: मसौदे को लटकाने की कर्नाटक की अर्जी नामंजूर


नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कावेरी प्रबंधन योजना के मसौदे को अंतिम रूप देने पर रोक लगाने संबंधी कर्नाटक सरकार की याचिका आज खारिज कर दी।
कर्नाटक सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष दलील दी कि कर्नाटक में सरकार गठन की कवायद जारी है, इसके मद्देनजर मसौदे को कुछ समय के लिए टाल दिया जाना चाहिए।
संविधान पीठ कहा कि मसौदा योजना बनाना केंद्र का विशेषाधिकार है, न कि राज्य सरकारों का। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कावेरी प्रबंधन योजना के मसौदे में संशोधन को भी कहा है तथा कल संशोधित मसौदा मंजूरी के लिए पेश करने का निर्देश दिया है।
कर्नाटक सरकार ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि कावेरी योजना के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए जुलाई के पहले सप्ताह तक सुनवाई पर रोक लगा दी जाए, क्योंकि राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया चल रही है। श्री दीवान ने कहा, " मैं जुलाई के पहले सप्ताह तक स्थगन के लिए अनुरोध कर रहा हूं, क्योंकि सरकार गठन की प्रक्रिया के कारण मुझे कर्नाटक के मंत्रियों की परिषद से सहायता और निर्देश नहीं मिल रहे हैं।" शीर्ष अदालत ने हालांकि कर्नाटक सरकार का अनुरोध ठुकरा दिया।
केंद्र सरकार ने कावेरी नदी के जल बंटवारे के लिए कावेरी प्रबंधन योजना का मसौदा गत सोमवार को पेश किया था।

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