नीरव के 'फाइनेशियल इंजीनियर ' हैं विपुल अंबानी

नीरव के फाइनेशियल इंजीनियर  हैं विपुल अंबानी

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंकिग घोटाले में गिरफ्तार नक्षत्र-गीतांजलि ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकार (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) विपुल अंबानी देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने से संबंध रखते हैं। विपुल अंबानी असल में मुकेश व अनिल अंबानी के चचेरे भाई हैं। वह धीरूभाई अंबानी के छोटे भाई नट्टूभाई अंबानी के बेटे हैं।
विपुल यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाच्युसेट्स से केमिकल इंजीनियरिंग के डिग्रीधारी हैं। वे नीरव मोदी की कंपनी में इतने बड़े पद थे जिससे इस बात की आशंका काफी बढ़ जाती है कि उन्हें इस मामले के बारे में काफी जानकारी होगी। जानकारी के मुताबिक वह साल 2014 से फायरस्टार का वित्तीय कामकाज देख रहे हैं। वहीं दूसरे जो लोग इस मामले में गिरफ़्तार किए गए हैं उनमें फायरस्टार के सीनियर एग्जिक्यूटिव अर्जुन पाटिल और गीतांजलि ग्रुप में मैनेजर नितेन शाही शामिल हैं। इन पांच लोगों से सीबीआई ने मंगलवार को लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया था।
जानकारी के मुताबिक विपुल अंबानी ने अपना करियर रिलायंस इंडस्ट्रीज में उसके प्रोजेक्ट एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ग्रुप के साथ शुरू किया था। इसके साथ-साथ उन्होंने टेक्नो इकोनॉमिक फिजीबिलिटी इवेल्यूशन के लिए कंप्यूटरीकृत मॉडल तैयार किया, जो खास तौर से पॉलीप्रॉपिलीन प्रोजेक्ट के लिए था। पढ़ाई करने के बाद वह उद्योग की क्षेत्र में उतरे और फिर कुछ साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर के एग्जिक्यूटिव असिस्टेंट रहे। बाद में 1993 तक अलग-अलग ग्रुप में बड़े पदों पर काम किया। उन्हें टावर कैपिटल और सिक्योरिटीज़ का भी डायरेक्टर बनाया गया था और वह 2009 तक इस पद पर रहे। इसके बाद उन्होंने कैरोक्स टेक्नोलॉजी में पद संभाला।
टावर कैपिटल में रहने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर होलसेल डेट मार्केट के विकास में अहम रोल निभाया था। उन्होंने रिसर्च आधारित डेट इंटरमीडिएशन डिविजन बनाया, जिसमें समुचित सिस्टम और प्रक्रियाएं थीं और ये आज भारत के तीन शीर्ष इंटरमीडियरीज में शुमार है। वहीं, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के मुताबिक इसके बाद वो साल 2012 में कोंटैंगो ट्रेडिंग एंड कमॉडिटी नामक कंपनी में चले गए। इसके दो साल बाद उन्होंने नीरव मोदी से हाथ मिलाया और फायरस्टार का कामकाज देखने लगे। फायरस्टार की वेबसाइट के मुताबिक ये कंपनी अमरीका, यूरोप, मिडल ईस्ट, सुदूर पूर्व और भारत में कारोबार करती है और उसके पास 1200 से ज्यादा प्रशिक्षित प्रोफेशनल हैं।

Share it
Top