प्रद्युम्न ने गला रेते जाने के बाद की थी बाहर निकलने की कोशिश

प्रद्युम्न ने गला रेते जाने के बाद की थी बाहर निकलने की कोशिश

गुरुग्राम। खुद के साथ कोई बड़ा हादसा होने के बाद कोई बड़ा आदमी भी शायद वैसा नहीं कर सकता, जैसा कि सात साल के छात्र प्रद्युम्न ने किया। शौचालय में गला रेते जाने के बाद उसने एक बार बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। यह सब पता चला है घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच अब तेज कर दी है, ताकि बिना कोई देरी किए अपराध की तह तक पहुंचा जा सके।
बिहार के मधुबनी जिले के एक गांव से आकर यहां नौकरी करके अपने परिवार को पाल रहे वरुण ठाकुर के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ रहे उनके बेटे प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस हत्या के बाद पूरा हंगामा हुआ। पुलिस और लोगों के बीच खूब झड़प हुई। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के एक कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर रखा है। उसके अलावा स्कूल प्रबंधन के दो अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की ओर से इस बात का दावा किया गया कि हत्या अशोक ने की है। जबकि उसके परिजनों ने इस बात से इंकार किया है। अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कई दिनों बाद स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। सीसीटीवी फुटेज घटना के बाद स्कूल से जब्त कर लिए गए थे। पुलिस के तकनीकी स्टाफ ने जब इन फुटेज को खंगाला तो उनकी आखें भी खुली ही रह गईं। जिस तरह का मार्मिक दृश्य उनके सामने आया, उसे देखना हर किसी के बस की बात नहीं है। फुटेज में दिखाई दिया है कि मरने से पहले खून से लथपथ छात्र प्रद्युम्न ने शौचालय से बाहर निकलने का प्रयास किया था।
कुछ इस तरह से हुआ मामला
फुटेज के अनुसार रेयान इंटरनेशनल स्कूल की बस शुक्रवार की सुबह 7: 40 बजे स्कूल में पहुंची थी। उसमें कंडक्टर अशोक कुमार मौजूद था। जब सभी छात्र-छात्राएं बस से उतरकर अपनी कक्षाओं में चले गए थे, तब ड्राइवर स्कूल परिसर में बस को खड़ी करने के लिए बढ़ा। उसी समय कंडक्टर अशोक कुमार स्कूल के गेट के अंदर प्रवेश करता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद वह सीधा शौचालय की ओर चला गया। इसके बाद वहां शौचालय में प्रद्युम्न की हत्या हुई।
सुबह 7:55 बजे प्रद्युम्न पहुंचा स्कूल
सीसीटीवी फुटेज में यह भी दिखाई दिया कि छात्र प्रद्युम्न सुबह 7: 55 बजे अपने स्कूल में पहुंचा था। उसके पिता वरुण ठाकुर उसे और उसकी बहन को स्कूल के गेट पर छोडक़र चले जाते हैं। इसी गेट से ही कंडक्टर अशोक कुछ मिनट पहले ही स्कूल में दाखिल हुआ था। स्कूल में प्रवेश करने के बाद प्रद्युम्न की बहन तो अपनी कक्षा में जाती हुई दिखाई दी, जबकि प्रद्युम्न शौचालय में चला जाता है।
प्रद्युम्न व अशोक शौचालय में जाते दिखे
रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शौचालय के निकट लगे एक सीसीटीवी की फुटेज में यह भी दिखा है कि कंडक्टर अशोक कुमार और छात्र प्रद्युम्न एक के बाद एक करके शौचालय में प्रवेश हुए। सुबह 7:55 बजे से 8:10 बजे के बीच में अशोक कुमार को शौचालय से बाहर आते हुए देखा गया। इस समय अंतराल में कोई अन्य छात्र या व्यक्ति शौचालय में जाता हुआ दिखाई नहीं दिया। शौचालय से अशोक कुमार बाहर चला गया। उसके कुछ ही देर बाद प्रद्युम्न अपने हाथ से अपने कटे हुए गले को पकडक़र रेंग रहा था।
सबसे पहले शौचालय के पास पहुंचा माली
जिस समय प्रद्युम्न वहां रेंग रहा था तो वहां सबसे पहले माली पहुंचा। उसने शौचालय के बाहर फर्श पर पड़े खून को देखकर शोर मचाया। शोर सुनकर पास की ही कक्षाओं से कुछ टीचर भी बाहर निकलकर आए। खून से लथपथ प्रद्युम्न को देख सबके होश फाख्ता हो गए। इसी बीच, कंडक्टर अशोक कुमार भी सीसीटीवी फुटेज में वहां दिखाई देता है। वो प्रद्युम्न को उठाकर एक टीचर के कहने पर कार में डालते हुए दिखाई दिया। उसके बाद सात साल के मासूम प्रद्युम्न को टीचर की कार से पास के ही अस्पताल में ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हर संदिग्ध पर है एसआईटी की पैनी नजर
रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में गठित की गई एसआईटी की हर संदिग्ध पर पैनी नजर है। छात्र की हत्या के मामले में जहां पुलिस जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है, वहीं चश्मदीद गवाह हरपाल सिंह व माली को हिरासत में लिया जा चुका है। एसआईटी ने इन्हें गिरफ्तार किया है। मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी बेहद ही सूझबूझ के साथ कदम रख रही है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके।
अदालत में चार्ज शीट दाखिल करने के लिए एक सप्ताह में से चार दिन बीत चुके हैं। अब तीन दिन बाकी रह गए हैं। इसी कड़ी में एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआईटी एक भी सबूत छोडऩा नहीं चाहती, जो कि इस पूरे प्रकरण का खुलासा करने में अहम सुराग हो। वहीं बताया यह भी जा रहा है कि एसआईटी को आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार के खिलाफ काफी जानकारियां मिली हैं जिनसे यह पता चलता है कि छात्र की हत्या में कहीं ना कहीं उसी का हाथ है।
और अधिक तथ्य हासिल करने के उद्देश्य से एसआईटी ने स्कूल की तलाशी भी की है। सीबीएसई की ओर से भी एक पैनल यहां सुरक्षा व्यवस्था समेत काफी जानकारियों जुटाकर ले गया है। एसआईटी ने चश्मदीद गवाह माने जा रहे हरपाल सिंह के अलावा एसआईटी ने प्रद्युम्न की सेक्शन प्रभारी अंजू टुटेजा, निलंबित की जा चुकी कार्यवाहक प्राचार्या नीरजा बतरा, पूर्व प्रधानाचार्या राखी वर्मा, बस का ड्राइवर सौरभ राघव, बस का ठेकेदार हरकेश प्रधान के अलावा आठ सुरक्षा गार्डों समेत कुल 17 लोगों से पूछताछ की है। एसआईटी उन सभी को इस जांच के दायरे में ले रही है, जो उसे संदिग्ध नजर आ रहे हैं।

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