दिल्ली: जंतर-मंतर पर किसानों और पीएम मोदी के भाई ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन

दिल्ली: जंतर-मंतर पर किसानों और पीएम मोदी के भाई ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मंदसौर से चली किसान मुक्ति यात्रा देश के छह राज्यों से होते हुए मंगलवार(18 जुलाई) को 13 दिन बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंची। यहां हजारों किसानों ने अपना हक मांगा। प्रदर्शन में देशभर के 150 किसान संगठन से जुड़े हजारों किसान शामिल थे। इस दौरान मंच पर किसान नेताओं के अलावा पहली बार आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों ने भी अपनी व्यथा दिल्ली की सरकार को सुनाई। किसानों के अलावा 'फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन' ने भी जंतर मंतर पर विशाल धरने का आयोजन किया।

इसमें पूरे देश से 4.50 लाख डीलर पहुंचे। यहां खास बात यह रही कि प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी भी मौजूद थे। इसके अलावा देशभर के कई सांसद भी शामिल हुए। इनमें जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार, मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव, पश्चिम बंगाल से सांसद सौगत राय के अलावा सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी भी शामिल हुए। बता दें कि पहलाद मोदी की अहमदाबाद में फेयर प्राइस शॉप है। इसके अलावा वे ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं। इनका साथ देने के कई दलों के नेता भी मंच पर पहुंचे और संसद में उनकी मांगें उठाने का वादा किया। सुबह दस बजे से ही जंतर-मंतर पर किसानों की भीड़ जुटने लगी थी। यहां तकरीबन दो हजार किसान पहुंच गए थे। कोई बस से तो कोई पैदल काफिला बनाकर जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहा था।

इतनी बड़ी संख्या में आ रहे इस काफिले ने दिल्ली के कई रास्तों की रफ्तार सुस्त कर दी थी। यहां मंच पर स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने किसान मुक्ति संसद में दो मुख्य मांगे रखीं। पहली मांग, फसल का पूरा दाम और दूसरी मांग किसानों को पूर्णरूप से कर्जमुक्त करने की है। यहां कांग्रेस, जदयू, आम आदमी पार्टी, माकपा के अलावा शिवसेना के नेता समर्थन में पहुंचे। स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी, आम आदमी पार्टी छोड़ चुके डा धर्मवीर गांधी, सीपीएम के सीताराम येचुरी, मोहम्मद सलीम, तपन कुमार सेन, जेडीयू के शरद यादव, अली अनवर, शिवसेना के अरविंद सावंत और कांग्रेस के बीआर पाटिल शामिल हुए।

Share it
Top