सामान्य नागरिक की हैसियत से लड़ रहा हूं चुनाव : गोपालकृष्ण गांधी

सामान्य नागरिक की हैसियत से लड़ रहा हूं चुनाव : गोपालकृष्ण गांधी


नयी दिल्ली। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी ने आज कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं और एक स्वतंत्र नागरिक की हैसियत से चुनाव लड़कर उपराष्ट्रपति के रूप में देश के सामान्य व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। महात्मा गांधी के पौत्र तथा 18 विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद संसद भवन में संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष के डेढ़ दर्जन दलों ने उन्हें जिस जिम्मेदारी के लिए एकजुट होकर बुलाया है वह उन सबका स्वागत करते हैं लेकिन उनकी हैसियत एक निर्दलीय और स्वतंत्र नागरिक की ही है।
गांधी ने कहा "मैं उपराष्ट्रपति बनकर सामान्य नागरिक का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनाव मैदान में हूं। देश के नागरिकों तथा राजनीति के बीच खाई बहुत चौड़ी हो गयी है और मैं इसी खाई को कम करना चाहता हूं। लोगों का राजनीति पर जो विश्वास घटा है, मैं राजनीति में नागरिकों के इस भरोसे को बहाल करना चाहता हूं।" उन्होंने कहा "इतने दलों ने मिलकर उन पर जो भरोसा जताया है वह इस देश की संस्कृति है। इससे साबित होता है कि देश के लोगों को इस पद के लिए एक आम नागरिक की जरूरत है। मैं इस भरोसे पर खरा उतरना चाहता हूं। मैं किसी के विरोध में खड़ा नहीं हूं। मैं किसी राजनीतिक दल के सिद्धांत का भी प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा हूं।

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