अनधिकृत रुप से बने कसौली के होटल चेल्सी को 24 घंटे में गिराएं : सुप्रीम कोर्ट

अनधिकृत रुप से बने कसौली के होटल चेल्सी को 24 घंटे में गिराएं : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के कसौली में अनधिकृत रुप से बने होटलों को गिराने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए होटल चेल्सी को 24 घंटे के भीतर गिराने का आदेश दिया है। आज सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि चेल्सी होटल को आदेश के मुताबिक नहीं गिराया गया है जिसके बाद कोर्ट ने ये आदेश जारी किया।
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन होटल्स को तत्कालीन तौर पर राहत दे दी थी। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने आदेश दिया था कि हिमाचल प्रदेश सरकार और हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पक्षकार बनाया जाए । कोर्ट ने ये भी कहा था कि इन होटल्स की बिजली नहीं जोड़ी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल परमजीत सिंह पटवालिया ने कहा था कि इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कैंटोंमेंट बोर्ड को पक्षकार बनाया जाए। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से कहा कि वे बिना अनुमति के कोई नया निर्माण नहीं करेंगे। याचिकाकर्ताओं ने एनजीटी के फैसले पर रोक लगाने की मांग भी की। लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया और निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त बनाये गये कमरों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि अभी उनका होटल निर्माणाधीन है जिसके खिलाफ एनजीटी का ये फैसला सही नहीं है। तब कोर्ट ने कहा था कि अगर निर्माण पूरा नहीं हुआ है तो आप माफी के लिए अपील नहीं कर सकते हैं। एनजीटी का ये आदेश उनके लिए है जिन्होंने पहले ही निर्माण पूरा कर लिया है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि एनजीटी का ये आदेश स्वत: संज्ञान के आधार पर है जिसकी किसी ने शिकायत नहीं की। उसी आधार पर एनजीटी ने सभी निर्माण के लिए आदेश जारी कर दिया जिसमें अनधिकृत निर्माण भी शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि आपको दो ब्लॉक की अनुमति दी गई और अपने चार ब्लॉक बनवा डाले। आपने पहाड़ काटकर पार्किंग लाट बनाए। ऐसे निर्माण के लिए बिजली और पानी की सप्लाई की अनुमति नहीं दी जा सकती है। आपने अपने अवैध निर्माण को हटाने का आफर भी नहीं दिया।
आपको बता दें कि 16 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर स्टे लगा दिया था। पिछले 30 मई को एनजीटी ने कसौली में पांच होटल्स को अनधिकृत निर्माण का दोषी पाया था और उन्हें गिराने का आदेश दिया था। इन पांचों होटल्स पर पांच से दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इन होटल्स के खिलाफ सोसायटी फॉर प्रिजर्वेशन ऑफ कसौली एंड इट्स इनविरॉनमेंट नामक एनजीओ ने एनजीटी में याचिका दायर की थी।

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