2014 में आस थे, अब देश का विश्वास हैं नरेन्द्र मोदी : मनोज तिवारी

2014 में आस थे, अब देश का विश्वास हैं नरेन्द्र मोदी : मनोज तिवारी


दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नव निर्वाचित सांसदों ने जनता से मांगा समर्थन

नई दिल्ली। दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर शानदार जीत के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नव निर्वाचित सांसदों ने शनिवार को एक मंच पर आकर जनता का धन्यवाद किया। विपक्षी दलों के मुकाबले मिले अपार जनसर्थन से उत्साहित भाजपा सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी की जनता से आगामी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी पर भरोसा जताने की बात कहकर चुनावी बिगुल फूंक दिया।

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने शनिवार को यहां पार्टी कार्यालय में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 17वीं लोकसभा के आम चुनावों में जो जनादेश मिला है, उस पर पार्टी को गर्व है। पिछले आम चुनावों के मुकाबले अधिक सीटें आने पर उन्होंने कहा कि 2014 के नरेन्द्र मोदी देश की आस थे और 2019 के नरेन्द्र मोदी देश का विश्वास है।

उन्होंने दिल्ली की जनता से आगामी विधानसभा चुनावों में भी ऐसे ही समर्थन की मांग करते हुए कहा कि हम लोग दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ बनाएंगे। मैं दिल्ली से अपील करता हूं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को बहुमत देकर सेवा करने का मौका दें। हम दिल्ली को लंदन, पेरिस नहीं बल्कि सारी सुविधाओं के साथ रहने लायक़ हमारी अपनी दिल्ली बनाएंगे।

उन्होंने चुनाव के दौरान विपक्षियों पर तरह-तरह के पर्चे बांटकर भ्रम फैलाने के मुद्दे पर कहा कि हमारे खिलाफ चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस द्वारा बहुत गलत बातें फैलाई गईं लेकिन दिल्ली की जनता ने उनको जवाब दे दिया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को उतारा था। तिवारी ने कहा कि तीन-तीन बार की मुख्यमंत्री से कड़ी टक्कर थी।

चांदनी चौक से सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली में सबसे पहले आप ने अपने उम्मीदवार तय कर दिए थे। उम्मीदवार तय करने के बाद भी 67 सीट जीतने वाली पार्टी शून्य सीट जीतने वाली पार्टी के आगे गठबंधन की लिए गिड़गिड़ा रही थी। अब जब नतीजे आए हैं तो यह साफ हो गया की भाजपा के हर उम्मीदवार के वोट आप और कांग्रेस के कुल मिलकर वोट से ज्यादा हैं।

दिल्ली में सबसे अधिक मर्जिन से दोबारा जीतने वाले पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि आप ने इस चुनाव को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की लेकिन दिल्ली की जनता ने जाति धर्म से ऊपर उठ कर विकास के नाम पर वोट दिया। उन्होंने कहा कि हमें दिल्ली में तीनों सरकार एक ही पार्टी की चाहिए। केंद्र और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में भाजपा की सरकार है। अब विधानसभा की बारी है।

पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि चुनाव के समय मैं राजनीति में सिर्फ 15 दिन पुराना था। मेरे ऊपर जिस तरह के घटिया आरोप लगाए गए, उस पर मैं मुख्यमंत्री केजरीवाल को सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा की चुनाव आते जाते रहेंगे लेकिन चुनाव जीतने के लिए अगर आप अपना जमीर हार जाएंगे तो शीशे में अपना चेहरा कैसे देखेंगे। एक सीट जीतने के लिए आप ने मुझ पर जो घटिया इल्जाम लगाए, उसके लिए जनता इन्हें कभी माफ़ नहीं करेगी।


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