मंजीत सिंह जीके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश, फर्जी कंपनियों के बिल पास किए थे

मंजीत सिंह जीके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश,  फर्जी कंपनियों के बिल पास किए थे


बिना कोटेशन मंगवाए दो फर्जी कंपनियों से 40 लाख रुपये की सिख विरासत की किताबें छपवाने का बिल पास किए थे

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे दिल्ली गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जीके ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेशों को कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने मंजीत सिंह की अपील को खारिज कर दिया। पिछले 7 जनवरी को सेशंस कोर्ट ने मनजीत सिंह जीके की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पिछले 13 दिसंबर को पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मनजीत सिंह जीके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

मनजीत सिंह जीके पर आरोप है कि उन्होंने किताब छापने के नाम पर फर्जी बिलों का भुगतान किया। आरोप है कि बिना कोटेशन मंगवाए दो फर्जी कंपनियों से 40 लाख रुपये की सिख विरासत की किताबें प्रकाशित कराने के बिल पास किए गए। जांच में पता चला कि कंपनियों के दिए गए पते फर्जी हैं। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,

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मनजीत सिंह जीके के खिलाफ घी खरीदने में भी घोटाले का आरोप है। आरोप है कि पिछले जनवरी में एक श्रद्धालु ने 24 लाख रुपये दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कर्मचारियों की वर्दी के लिए दिए थे लेकिन अभी तक वर्दी नहीं दी गई। मनजीत सिंह जीके पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में उनके विरोधियों ने उन पर हमला कर रखा है ।


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