अलका लांबा ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को किया याद, समर्थन में आए बागी नेता कपिल मिश्रा

अलका लांबा ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को किया याद, समर्थन में आए बागी नेता कपिल मिश्रा



नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने को लेकर पारित प्रस्ताव को समर्थन न देकर अलका लांबा ने दिल्ली की राजनीति में जबरदस्त भूचाल ला दिया है। अलका लांबा का कहना है कि इस मामले में वह फिलहाल इस्तीफा नहीं देने जा रही।

शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर जारी संदेश में अलका लांबा ने लिखा, 'मुझे बेहद ख़ुशी महसूस हो रही है कि पार्टी ने देश द्वारा स्वर्गीय राजीव गांधी जी को दिए गए भारत रत्न का समर्थन किया है। राजीव गांधी जी के अतुलनीय बलिदान और त्याग को यह देश कभी नहीं भुला सकता। मैं उस प्रस्ताव की प्रति को हटा रही हूं, जो कि विधानसभा में पास ही नहीं हुई।'

दरअसल, दिल्ली विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को प्रदान किया गया 'भारत रत्न' वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव दिल्ली के सदन में शुक्रवार को पारित किया गया। जिसमें दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सभी सदस्यों से इस प्रस्ताव पर खड़े होकर वोट करने को कहा था, जिसमें ज्यादातर विधायकों ने समर्थन किया था। जबकि अलका लांबा इसका विरोध करते हुए सदन से वाकआउट भी कर गईं। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

'आप' के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने एक वीडियो जारी कर इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। कपिल मिश्रा ने वीडियो में कहा कि आम आदमी पार्टी के एक विधायक जरनैल सिंह प्रस्ताव पढ़ रहे थे। इसके बाद स्पीकर ने सभी विधायकों को खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी ने खड़े होकर पास किया। यह सब ऑन रिकॉर्ड है, सदन की कार्यवाही का हिस्सा है। उसके बाद विधायक अलका लांबा ने पार्टी के अंदर इस प्रस्ताव का विरोध किया। इस प्रस्ताव के पास होने की खबर सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद पार्टी ने उनसे इस्तीफे की मांग कर दी।


Share it
Top