राम मंदिर का मुद्दा, किसानों के हितों से ध्यान हटाने के लिए: योगेंद्र

राम मंदिर का मुद्दा, किसानों के हितों से ध्यान हटाने के लिए: योगेंद्र


नयी दिल्ली। किसान आंदोलन के प्रणेता एवं स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि किसानों और बेराेजगार नौजवानों के हितों से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए हर चुनावों की तरह इस बार भी 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर राम मंदिर का मुद्दा उछाला जा रहा है।

श्री यादव ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि किसान आंदोलन ने अब व्यापक रूप ले लिया है और हाल ही में दिल्ली में आयोजित किसान रैली में पूरे देश भर से आये किसानों ने अपना स्वर बुलंद किया। उन्होंने जोर दिया कि इससे साबित हो गया कि किसानों का मुद्दा उनका अपना स्वयं का नहीं बल्कि समूचे देश का मुद्दा है और इसी रैली के जवाब में आज दिल्ली के रामलीला मैदान में भक्तों का रामभक्तों का जमावड़ा इकट्ठा किया जा रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह राम मंदिर निर्माण के समर्थन में हैं , उन्होंने कहा कि देश में राम मंदिर हजारों की संख्या में है और असंख्य लोगों की आस्था भी है लेकिन यह राम मंदिर निर्माण का जो मुद्दा है वह चुनावी लाभ की नीयत से ओतप्रोत है और जब भी कोई चुनाव नजदीक आता है इस मुद्दे को जोर-शोर से उछाला जाता है।

उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम न लेते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, " मंदिर वहीं बनायेंगे , डेट नहीं बतायेंगे, चुनाव में फिर आयेंगे।" उन्होंने कहा कि राम मंदिर को मुद्दा बनाने वालों की यही नीति है।"

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न विपक्षी दलों के महागठबंधन दल में अपनी पार्टी के शामिल होने की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए श्री यादव ने कहा कि महागठबंधन बनाने वालों की कोई नीति , कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है और इसमें देशहित के मुद्दों के बजाय सिर्फ सीटों के बंटवारा ही अहम है।


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