अगवा और डेढ़ करोड़ की वसूली करने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों समेत चार गिरफ्तार

अगवा और डेढ़ करोड़ की वसूली करने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों समेत चार गिरफ्तार


नई दिल्ली। राजधानी की टॉप-कॉप कही जाने वाली दिल्ली पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई। बाहरी जिले के रनहौला थाने के पुलिसकर्मियों ने धोखाधड़ी और ठगी के एक आरोपित को अगवा कर उसके परिवार से उसे छोड़ऩे के एवज में डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की। एक करोड़ में सौदा तय हुआ। पहली किश्त के रूप में 11 लाख रुपये दे भी दिए गए। बाकी रुपये देने के समय बात बिगड़ी तो आरोपित की पत्नी ने पीसीआर कॉल कर दी। मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस पहुंची और उसने जांच के बाद रनहौला थाने के एएसआई सूबे सिंह, हवलदार इंदू परमार और सिपाही अजय तथा सचिन नामक एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रनहौला थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। बाहरी जिले के डीसीपी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में धोखाधड़ी और ठगी के मामले में गत 28 सितम्बर को एक एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर भी लिया था। इनमें से एक आरोपित दिल्ली-कंझावला निवासी प्रदीप प्रधान था। रनहौला थाने में तैनात एएसआई सूबे सिंह, हवलदार इंदू परमार व सिपाही अजय ने प्रदीप को उसके घर से उठाकर अवैध रूप से उत्तम नगर में सचिन नामक व्यक्ति के घर पर रखा।

इसके बाद परिवार से सौदेबाजी की गई। पुलिस कर्मियों ने प्रदीप को छोड़ऩे के एवज में डेढ़ करोड़ रुपये मांगे। सौदा एक करोड़ रुपये में तय हुआ। प्रदीप की पत्नी नेहा प्रधान ने रविवार को पुलिस कर्मियों को 11 लाख रुपये की पहली किस्त दे भी दे दी। बाकी रुपये मंगलवार को देने की बात की गई। पुलिस कर्मियों ने बाकी रुपये देने के लिए नेहा को मौर्या एंक्लेव बुलाया। नेहा अपने दो जानकारों के साथ रुपये लेकर मौर्या एंक्लेव पहुंची। जहां नेहा ने अपने पति को दिखाने की बात कहीं। इस पर दोनों की बात बिगड़ी। नेहा ने पीसीआर कॉल कर दी।

मौके पर उत्तर-पश्चिम जिले की मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस पहुंची। जांच के बाद तीनों पुलिस कर्मियों व सचिन को हिरासत में ले लिया गया। नेहा के बयान पर जबरन वसूली और अपहरण का केस दर्ज कर लिया गया। इधर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। प्रदीप को उत्तम नगर स्थित सचिन के मकान से मुक्त करा लिया गया।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

मामले में रनहौला थाने की भूमिका के जांच के आदेश दे दिए गए। फिलहाल जांच होने तक एसएचओ को लाइन में भेज दिया गया। पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की तो कोई भूमिका नहीं है।


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