कर्मचारी नेता को निलंबित करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम

कर्मचारी नेता को निलंबित करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम


फरीदाबाद। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश उप महासचिव रामआसरे को निलंबित करने के विरोध में गुरुवार को फरीदाबाद रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पहले यह धरना और प्रदर्शन केवल 2 घंटे का था लेकिन बाद में कर्मचारियों का मन बदल गया और बाद में कर्मचारी जबरन इस विरोध को चक्का जाम का रूप दे दिया। इतना ही नहीं बल्कि कर्मचारियों ने बच्चों को बाहर तक नहीं निकलने दिया और बाहर जा रही बसों के नीचे लेट गए। मामले को बढ़ते देख एसडीएम, एसीपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कर्मचारी केवल इसी मांग पर अड़े हुए थे कि रामआसरे को तुरंत बहाल किया जाए।

कर्मचारी बसों को रोकते और उसके नीचे लेट कर विरोध करते हुए अपने नेता के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल यूनियन के कर्मचारी नेता रामआसरे ने हरियाणा सरकार द्वारा 700 बसें हायर करने का विरोध किया था और हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। उसी को लेकर हरियाणा सरकार ने रामआसरे को कल निलंबित कर दिया।

रोडवेज कर्मचारी यूनियन महासंघ के राज्य प्रधाव वीरेंद्र धनखड़ की माने तो 700 बसें हायर कर पुणे-हरियाणा में चलाने की बात कह रहे हैं। हमारे कर्मचारी उसी का विरोध कर रहे थे, जिसके विरोध में हमारे कर्मचारी नेता रामआसरे को निलंबित कर दिया गया। कर्मचारी नेताओं की मानें तो जब तक राम आसरे को बहाल नहीं किया जाएगा जब तक यह चक्का जाम जारी रहेगा। वही, हरियाणा सरकार द्वारा निलंबित किए गए कर्मचारी नेता राम आसरे की माने तो 7 अगस्त को किए गए विरोध और हड़ताल में शामिल होने की वजह से उन्हें निलंबित किया गया है। उनकी मानें तो उन्होंने इस हड़ताल में अकेले भाग नहीं लिया था। बल्कि प्रदेश भर के हजारों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था लेकिन केवल उन्हें ही इसके लिए निलंबित किया गया सरकार की क्या मंशा है उनके प्रति मैं नहीं जानता।

बल्लभगढ़ के एसडीएम राजेश कुमार का कहना है कि एक कर्मचारी को निलंबित करने के विरोध में यह कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एसडीएम की माने तो कर्मचारियों की यह मांग है कि राम आसरे को तुरंत बहाल किया जाए। फिलहाल उनके इस प्रदर्शन को हटवाकर यातायात को सुचारु करवा दिया गया है।


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