गुरुग्राम : नमाज पर बवाल, महंत यति नरसिंहानंद लेंगे अग्नि समाधि

गुरुग्राम : नमाज पर बवाल, महंत यति नरसिंहानंद लेंगे अग्नि समाधि


गुरुग्राम । खुले में नमाज का बवाल अब सड़क पर उतर आया है। इसे लेकर कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा सोमवार से लघु सचिवालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है, जो मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान एक फिर स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अग्नि समाधि लेने की बात कही है ।

खुले में नमाज के विरोध में चल रहे अनशन को समर्थन देने हिन्दू संगठन के लोगों और अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व डासना माता मंदिर के महंत यति नरसिंहानन्द सरस्वति ने अपने एक दर्जन साधु-संतो के साथ पहुंचे। महंत यति नरसिंहानन्द सरस्वती ने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा हिन्दुस्तान में रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों की तादाद बढ़ती जा रही है। यह बढ़ती संख्या सुरक्षा और शांति के लिए खतरा बन रही है। सरकार और प्रशासन इनके सामने घुटने टेकता नजर आ रहा है।

चिता तैयार कर लेंगे अग्नि समाधि: महंत

महंत यति नरसिंहानन्द सरस्वती तब चर्चा में आए थे। जब उन्होंने नमाज पर बवाल के मुद्दे को लेकर सीएम आवास पर आत्मदाह की धमकी दी थी। उनके कुछ दिन बाद ही उनकी शिष्या ने गुरुग्राम पहुंचकर खून से पत्र लिखकर प्रशासन को खुले में नमाज न पढ़ने का आग्रह किया था। अनशन पर बैठे स्वामी नरसिंहानंद ने कहा पिछली बार आत्मदाह करते वक्त पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था लेकिन इस बार अगर शुक्रवार तक प्रशासन ने इन लोगों पर लगाम नहीं कसी तो वे चिता तैयार करके अग्नि समाधि ले लेंगे।

स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए कहा कि गुडगांव के सार्वजनिक पार्क व सड़कों पर मुस्लिम समुदाय के लाखों लोगों द्वारा नमाज अता की जा रही है, जो कि गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि समुदाय के नमाज अता करने के लिए मस्जिद व ईदगाह हैं। हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों में नमाज अता करने से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में नमाज अता करने वाले मुस्लिम अधिकतर बाहर के हैं। उनकी भाषा भी समझ में नहीं आती।

प्रशासन ने सीएम के आदेशों की उड़ाई धज्जियां

भारत बचाओ संगठन के संयोजक विक्रम यादव के मुताबिक साइबर सिटी में मुस्लिम समाज की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिनमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम जिला प्रशासन और सरकार से लगातार मांग करते आ रहे हैं कि इन लोगों की पहचान कर इन्हें यहां से खदेड़ा जाए, बार-बार की चेतावनी के बावजूद प्रशासन नाकारा साबित हो रहा है। जबकि इस मामले में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी खुले में नमाज का विरोध जता चुके हैं। इसके बावजूद धड़ल्ले से गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ी जा रही है।

विदेशी मुसलमानों से बिगड़ रहा है माहौल: यादव

विक्रम यादव ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमान हैं। क्योंकि गुड़गांव में स्थायी मुसलमान समुदाय की संख्या इतनी अधिक नहीं है, लेकिन नमाज अता करने के समय न जाने इतनी बड़ी संख्या में कहां से लोग आ जाते हैं, जिससे अन्य समुदाय भी भयभीत होने लगे हैं। संस्था के सह संयोजक विजय यादव ने घोषणा की कि जब तक गुडगांव के सार्वजनिक स्थानों पार्क व रास्तों पर नमाज अता करानी बंद नहीं की जाएगी, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।

घुसपैठियों के खदेड़ने तक जारी रहेगा अनशन

संस्था के पदाधिकारियों की मांग है कि सरकार और प्रशासन खुले में नमाज पर रोक लगाए। विक्रम यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन का दायित्व बनता है कि वे इन लोगों की पहचान करें। यदि ये घुसपैठिये हैं तो इनकें यहां खदेड़ा जाए। जब तक इन लोगों को गुरुग्राम से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जाता तब तक अनशन जारी रहेगा।


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