ब्लाइंड मर्डर : पुलिस ने 6 साल में सुलझायी गुत्थी, 25 लाख की सुपारी देकर सरपंच ने कराई थी प्रेमिका के पति की हत्या

ब्लाइंड मर्डर : पुलिस ने 6 साल में सुलझायी गुत्थी, 25 लाख की सुपारी देकर सरपंच ने कराई थी प्रेमिका के पति की हत्या



, तीनों आरोपितों ने स्वीकार किया अपराध

गुरुग्राम। सोहना क्राइम ब्रांच ने छह साल पहले हुई हत्या का खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने में पुलिस को भी छह साल से ज्यादा का वक्त लग गया। पुलिस ने सोनीपत से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस मर्डर में सोनीपत के गांव अहीर माजरा के सरपंच का अपने ही गांव की लड़की से अवैध संबंध था। इसी के चलते उसने प्रेमिका के पति की सोहना में हत्या करवा दी थी।

पुलिस ने 6 साल में सुलझायी मर्डर की गुत्थी

एसीपी क्राइम शमशेर सिंह ने बुधवार को बताया कि 7 अगस्त 2012 को सोहना के सिलानी चैक पर डाक्टर मानसिंह निवासी मानुवास नूंह की सांय के समय अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब सोहना थाना सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्यारों की पकड़ के लिए टीम का गठन कर दिया था। एसीपी शमशेर सिंह ने बताया कि मुकदमे पर कार्रवाई करते हुए निरीक्षक सतेन्द्र, प्रभारी अपराध शाखा सोहना, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने मुखबिरों की मदद से इस वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपित रिजवान पुत्र खुर्शीद निवासी खेड़ी गुर्जर, थाना गन्नौर, जिला सोनीपत को 20 फरवरी 2019 को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में रिजवान ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। तब पुलिस ने रिजवान को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की तो पूरी गुत्थी सुलझ गई।

तीनों आरोपितों ने स्वीकार किया अपराध

एसीपी ने बताया कि रिजवान ने हत्या में शामिल दो अन्य साथियों विक्रम पुत्र बलजीत निवासी खेङी गुर्जर, थाना गन्नौर, जिला सोनीपत, जयदीप पुत्र रामफल निवासी समसपुर गामङा, थाना गन्नौर, जिला सोनीपत को सोनीपत से ही अरेस्ट कर लिया। आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में डाक्टर महासिंह को गोली मारकर हत्या करने की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है।

सरपंच का अपने ही गांव की लड़की से था अवैध संबंध

आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मृतक महासिंह की पत्नी गांव अहिर माजरा, जिला सोनीपत की रहने वाली है और उसका गांव के सरपंच धर्मबीर के साथ अवैध सम्बन्ध है। धर्मबीर सरपंच ने उन्हें डाक्टर महासिंह की हत्या करने के लिए 25 लाख रुपयों की सुपारी दी थी। आरोपितों ने बताया कि 7 अगस्त 2012 को सांय के समय जब डाक्टर महासिंह घर जाने से पहले दुकान का शटर बंद कर रहा था तो उसी समय गोलियां मारी गयी जिससे मौत हो गई थी। एसीपी ने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपितों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया ।

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