फरीदाबाद : पनीर खाने वाले हो जाएँ सावधान, 27 में से 26 सैम्पल मिले नुकसानदायक

फरीदाबाद : पनीर खाने वाले हो जाएँ सावधान, 27 में से 26 सैम्पल मिले नुकसानदायक



फरीदाबाद। अगर आप पनीर खाने के शौकीन है तो जरा सावधान हो जाईये, क्योंकि फरीदाबाद में बिकने वाला पनीर शुद्ध नहीं है बल्कि वह आपके स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा जा सकता है। जी हां, यह खुलासा खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पृथ्वी सिंह द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से हुआ है। शहर के करीब 27 पनीर सैम्पलों में से 26 पनीर के सैम्पल सब स्टैंडर्ड के पाए गए। इन 26 फेल सैम्पलों में हल्दीराम जैसा सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठान भी शामिल है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में बिकने वाला पनीर किस स्तर का है। आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने शुक्रवार को एन.एच.-3 स्थित गोल्फ क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि यह सैम्पल करीब 3 से चार माह पूर्व भरे गए थे और हैरानी की बात तो यह है कि सैम्पल फेल होने के बावजूद एडीसी ने इन लोगों पर मामूली राशि का जुर्माना लगाकर इन्हें दोबारा से मिलावटी पनीर बेचने की अनुमति जारी कर दी। श्योकंद ने बताया कि इन फेल सैम्पलों में बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा व एनआईटी के विक्रेता शामिल है, जो निम्र प्रकार से है हेमराज छोले कूल्हे वाला, मैसर्स पनीर भंडार डबुआ कालोनी, सत्तार कॉर्नर डबुआ, अमन पनीर भंडार, गुप्ता डेयरी, माया डेयरी, ओम बीकानेर, कृष्ण डेयरी, आदर्श डेयरी शॉप, खन्ना पनीर भंडार, महाराजा डेयरी, विनोद राघव शॉप, सीमंस भंडारी, प्रेम डेयरी, बांके बिहारी पनीर, वैल्यू मार्ट शॉप, मिलन शॉप, सोनू डेयरी, गोवर्धन डेयरी, जीविका डेयरी, रमेश चंद्र हलवाई, तनेजा स्वीट, गुप्ता डेयरी, राधे कृष्ण पनीर, चेतन डेयरी, बीकानेर मथुरा रोड के साथ-साथ सेक्टर-22 मिनी स्वीट का मिल्स केस सब स्टैंडर्ड के पाए गए. जबकि सेक्टर-25 स्थित पनीर भंडार का सैम्पल पास हो गया और ठीक रहा। यह सभी सैम्पल 2 नवंबर 2018 को भरे गए थे। उन्होंने बताया कि यहां बनने वाला पनीर यूरिया, स्किम मिल्क व रिफाइंड आदि से मिलाकर तैयार किया जाता है और प्रशासन ने इन लोगों पर मामूली राशि का जुर्माना करके इन्हें छोड़ दिया। वहीं प्रेस वार्ता में उपस्थित वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ डा. ब्रह्मदत्त ने बताया कि इस तरह मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने पर 10 तरह की सजाओं का प्रावधान है, इनमें फांसी तक भी सजा है परंतु आज तक ऐसा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सोचनीय विषय है कि हम जो खाद्य सामग्री खा रहे है, वह मानकों के अनुरुप है, इस प्रकार की सामग्री हमें नुकसान के अलावा कुछ नहीं पहुंचा सकती।

वहीं ख्यति प्राप्त डा. बिस्वरुप रॉय चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के केमिकल युक्त खाद्य सामग्री हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियों को पैदा करते है, जिससे शरीर में दवाओं का असर नहीं होना, बीपी, शुगर बढऩा आदि शामिल है। इस मौके पर वरुण श्योकंद ने कहा कि वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर मांग करेंगे कि कानून मेें संशोधन किया जाए और जिस व्यक्ति के खाद्य सामान में मिलावट हो, उसका लाईसेंस रद्द हो और उसके खिलाफ एडीजे के मार्फत 420 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए | एक एनजीओ का गठन करके ऐसे मिलावटी सामान बेचने वालों के खिलाफ मोर्चा भी खोलेंगे। इस मौके पर अनशनकारी बाबा रामकेवल, सचिन शर्मा, राजेश आदि सामाजिक लोग मौजूद थे।


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