यहां छत पर रहती है मौत, रविवार को भी हुआ बड़ा धमाका, 19 को पीएम मोदी से मांगेंगे प्राणदान

यहां छत पर रहती है मौत, रविवार को भी हुआ बड़ा धमाका, 19 को पीएम मोदी से मांगेंगे प्राणदान



गुरुग्राम। साइबरसिटी के फर्रूखनगर इलाके में मौत मकानों की छत पर जिंदगी का इंतजार करती रहती है। थोड़ी सी चूक हुई तो समझो गई जान। ऐसे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं लोग। अफसरों के दरवाजों पर धक्के खा खाकर थक चुके लोगों को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही सहारा है। लोगों ने अब मन बना लिया है कि 19 नवम्बर को उनके ही इलाके में आ रहे अपने पीएम के सामने ही दुखड़ा रोया जाए।

सभी पार्टियां करती हैं बिजली पर राजनीति

प्रदेश में सरकार चाहे किसी की भी रही हो। इनेलो, कांग्रेस और अब भाजपा सभी की राजनीति बिजली को पिछले 3 दशकों चलती आ रही है। सभी राजनीतिक दल बिजली को लेकर लंबे चैड़े दावे करते रहते हैं। प्रदेश भाजपा सरकार भी पिछले चार साल से लोहे के पोल और पुरानी नंगी तारों को बदलने का दावा करती आ रही है। ये सब दावे फर्रुखनगर क्षेत्र में हवा हवाई साबित हो रहे है।

रविवार को बाल-बाल बची बच्ची की जिंदगी

रविवार दोपहर के समय पटौदी रोड पर 11000 केवी की नंगी तार एक घर पर टूट कर गिर गई। छत पर दो साल की बच्ची खेल रही थी। बच्ची की मां बिजली का तार टूटने के धमाके के साथ बाहर निकली तो लड़की तार के निकट उसे पकड़ने पहुंच रही थी। अगर महिला समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था।

24 घंटों मंडराता रहता है मौत का साया

योगेश बसंल ने बताया कि उनके घर व दुकान के उपर से 11000 केवी बिजली के नंगे तार गुजर रहे हंै। बिजली की तारों के कारण हमेशा मौत का साया उनके सिर पर मंडराता रहता है। उनकी बेटी बाल बाल बची है। फर्रुखनगर निवासियों के लिए बिजली की लाईने मुसीबत का सबब बनी हुई है। बार बार शिकायतों के बाद भी घरों व दुकानों के उपर से गुजर रहीं बिजली की लाइनों को बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बदलने को तैयार नहीं है।

अब प्रधानमंत्री ही आखिरी सहारा

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ बिजली कर्मी लाइन हटाने के नाम पर बड़ा नजराना मांगते है। बिजली के तारों की वजह से वह अपने घर की छत पर जाने को भी तरसते है। छत से तार इतने नीचे है कि गलती से किसी ने हाथ उपर कर दिया तो करंट से उसकी मृत्यु हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह बिजली की नंगी तारों को घरों के उपर से हटाने के लिए 19 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में मांग पत्र सौंपेंगे ताकि सरकार कर्मचारियों की हकीकत से वाकिफ हो सके।रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें


Share it
Top