लूट की इनोवा में सवार हो गुरुग्राम से जगुआर गाड़ी छीनने का प्रयास

लूट की इनोवा में सवार हो गुरुग्राम से जगुआर गाड़ी छीनने का प्रयास

गुरुग्राम। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद अपराधी की ख्वाहिशें बढ़ती रहती हैं। वह अपराध करके अपने हर सपने को पूरा करने का प्रयास करता है। कई बार उसे अपने सपने पूरे करने के लिए यह अपराध नाम का यह शॉर्टकट तरीका महंगा पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ शनिवार रात। यहां टोयोटो इनोवा गाड़ी में सवार एक जगुआर कार को छीनने की कोशिश की, लेकिन कार में बैठे युवक के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिस के एसपीओ ने अपनी जान पर खेलकर घटना को घटित होने से बचा लिया। पुलिस आयुक्त ने रविवार को पत्रकार करके कहा कि एसपीओ की बहादुरी से यह घटना होने से बच गई।

जानकारी के अनुसार शनिवार की रात को करीब 11 बजे रात कांवड़ यात्रा ड्यूटी के दौरान अतुल कटारिया चौक पर थाना सेक्टर-14 गुरुग्राम की पुलिस टीम ने थाना सेक्टर-14, गुरुग्राम में एक टोयोटा इनोवा गाड़ी में सवार दो युवकों द्वारा एक जगुआर कार को छीनने की वारदात की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-14 गुरुग्राम की पुलिस टीम पुलिस टीम बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंच गई। गाड़ी का पीछा करते हुए एसपीओ जयबीर गाड़ी के पास पहुंचा और जब पिछला दरवाजा खोला तो उसमें बैठे व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से जयबीर पर गोली चला दी। गोली जयबीर के पेट में लगी। जब तक जयबीर संभलता, गाड़ी में से उतरकर हमलावर भी फरार हो गया। साथियों ने घायल एसपीओ को तुरंत उपचार के लिए मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में दाखिल कराया। इस तरह से जान पर खेलकर जयबीर वे जगुआर गाड़ी को छीनने से बचा लिया। मुख्य सिपाही नीरज की शिकायत पर थाना सेक्टर-14 में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।

आरोपी को पुलिस ने रात्रि ही काबू कर लिय। आरोपी की पहचान अन्शुल उर्फ खली पुत्र श्याम सुन्दर निवासी हनुमान बगीची, झज्जर घाटी तोसामिया मौहल्ला, दादरी, थाना शहर दादरी, जिला चरखी दादरी, उम्र 27 वर्ष के रूप में हुई।

बीए फस्र्ट ईयर तक पढ़ा है, कुश्ती का है खिलाड़ी

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से बीए की है। यह कुश्ती को अच्छा खिलाड़ी है। उसके दोस्त और जानकार उसे खली कहकर पुकारते है। वर्ष 2013 में उसने अपने अन्य साथियों सहित थाना साल्हावास, जिला झज्जर से एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी छीनी थी। इस मामले में यह झज्जर जेल में बन्द रहा। जहां उसकी मुलाकात प्रदीप दहिया नाम के बदमाश से हुई। इसके बाद से यह विभिन्न अपराधिक प्रवृति के बदमाशों के सम्पर्क में है और अपराधिक वारदातों को अन्जाम देता रहा है।


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