गुरुग्राम: घरेलू नौकरानी पर ढाये सितम, पुलिस की मदद से छुड़ाया गया

गुरुग्राम: घरेलू नौकरानी पर ढाये सितम, पुलिस की मदद से छुड़ाया गया


गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी की गगनचुंबी इमारतों में कहां क्या हो रहा है, यह पता लगाना आसान नहीं है। ऐसा लग रहा है कि अपराधों के लिए कुख्यात गुरुग्राम के फ्लैटों में रह रहे लोगों की मानवीय संवेदनाएं मर चुकी हैं। तभी तो घर पर कैद कर रखी गई नाबालिग लड़की को छुड़ाने के लिए परिजनों और घरेलू कामगार यूनियन को पुलिस का सहारा लेना पड़ा।

असम के गारो समुदाय की नाबालिग लड़की सोनिया डीएलएफ मैगनोलिया सोसायटी में नितिन एवं पारुल दंपति के घर (1904बी, सेक्टर-42) से मुक्त हो चुकी है। करीब ढाई साल पहले उसे इस दंपति ने 10,000 हजार रुपये महीने की पगार पर काम पर रखा था। उसके साथ बात-बात पर मारपीट की जाती थी। वह किसी को कुछ बता न पाए इसलिए उसे बाहर नहीं निकलने दिया जाता था।

बेटी के साथ जुल्म-ओ-सितम की जानकारी मिलने पर मां लक्ष्मी ने दंपति से संपर्क करने की कोशिश की। कामयाबी न मिलने पर घरेलू कामगार यूनियन के पास गुहार लगाई। यूनियन के सदस्यों के साथ नितिन एवं पारुल के घर पहुंची। लक्ष्मी का कहना है दोनों ने सोनिया को उनके साथ नहीं जाने दिया। थक-हारकर पुलिस को बुलाना पड़ा। तब सुमन को उसे सौंपा गया।

लक्ष्मी और यूनियन का आरोप है कि पुलिस अब मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रही है। घरेलू कामगार यूनियन की संयोजक डा. माया जॉन का कहना है कि बच्चों से मजदूरी कराना संज्ञेय अपराध और शिक्षा का अधिकार कानून के खिलाफ है। सोनिया का परिवार गरीब है। उसके पिता बीमार हैं। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखा जाएगा।


Share it
Top