सुप्रसिद्ध कंपनियों का नकली घी बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

सुप्रसिद्ध कंपनियों का नकली घी बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार


फरीदाबाद। अगर आप बाजार का देसी घी खाने के शौकीन है तो जरा सावधान हो जाइये। फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सुप्रसिद्ध कंपनी अमूल व मिल्क फूड के नाम पर नकली घी तैयार करके लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी एएसआई सुंदर के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 270 किलो नकली घी बरामद किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का खुलासा हो सके वहीं यह भी पता लग सके कि आखिर यह लोग अमूल व मिल्क फूड नाम से नकली घी को कहां-कहां बेचने के लिए भेजते थे। मिलावट के इस बड़े गिरोह का भंडाफोड़ होने से शहर के लोग भी सदमे में है कि आखिर इतनी बड़ी कंपनी के नाम पर यह धोखाधड़ी कैसे चल रही थी। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डाॅ. मानसिंह को शनिवार रात्रि लोगों ने सूचना दी कि सेक्टर-58 में एक स्थान पर नकली घी तैयार किया जाता है, जिसे गाड़ी में सप्लाई किया जाता है।

इस पर स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस से तालमेल बैठाकर फरीदाबाद के ट्रांसपोर्ट नगर से होकर निकलने वाली एक गाड़ी को पकड लिया। गाड़ी में से करीब 270 किलो नकली घी बरामद हुआ। पुलिस ने ड्राईवर को काबू कर लिया। वहीं पुलिस को पता चला कि सेक्टर-58 में यह घी डालडा घी मिक्स करके तैयार किया जाता है और दुकानदारों को बेचा जाता है। पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए इस संबंध में विनय त्यागी पुत्र सुनील त्यागी निवासी सेक्टर-3, लोकेंद्र पुत्र ओंकार व विनोद पुत्र ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी सेक्टर-58 दीपक कुमार का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी और सूचना के आधार पर यह कार्यवाही की गई थी। यह अभी जांच का विषय है कि यहां यह कारोबार कब से किया जा रहा था और इसमें कौन कौन लोग शामिल है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह नकली घी कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था ताकि छापेमारी कर वह घी भी बरामद किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डा. मानसिंह का कहना है कि सैम्पल भर लिया है, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवा दिया है। ज्ञात हो कि फरीदाबाद में इन दिनों मिलावटखोर काफी सक्रिय है। इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डबुआ सब्जी मंडी की कई दुकानों पर छापेमारी की थी, जहां फलों को रसायन के माध्यम से पकाकर बेचा जाता था। यहां यह सोचनीय विषय है कि आखिरकार लोग निजी स्वार्थ के चलते लोगों की जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते। अब देखना यह है कि इस गिरोह के तार कहां तक जुड़े है और पुलिस को इसमें कहां तक कामयाबी मिलती है।


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