महिला सरपंच पर लगा करोड़ों का घालमेल कर सरकार और पंचायत को चूना लगाने का आरोप


फरीदाबाद। हरियाणा सरकार ने पढ़ी-लिखी पंचायत के माध्यम से जीरो टोलरेंस की नीति को लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन पढ़े लिखे सरपंच ही अब सरकार की नीतियों को पलीता लगाने में जुट गए हैं, मामला फरीदाबाद के गांव प्रह्लादपुर माजरा का है जहां पढ़ी-लिखी महिला सरपंच सुशीला भाटी ने करोड़ों का घालमेल कर सरकार और पंचायत को चूना लगा दिया है। ग्रामीण जागरूक हुए तो इस करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश हुआ, घोटाले की जांच डीसी ने एसडीएम को सौंपी तो महिला सरपंच ने रिकॉर्ड चोरी होने की दुहाई दी, फिलहाल एसडीएम ने महिला सरपंच को रिकॉर्ड जुटाने के लिए 45 दिन का समय दिया है वरना एफआईआऱ दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के प्रह्लादपुर माजरा गांव की महिला सरपंच सुशीला भाटी पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है।

सुशीला भाटी पर गांव के ही लोगों ने विकास कार्यों की आड़ में करोड़ों के घोटाले का इल्जाम लगाया है, जिसके लिए उन्होंने पुख्ता सबूत भी आरटीआई के माध्यम से निकलवा लिए हैं, इसकी जांच अब डीसी के दरबार में पहुंची जिसके बाद डीसी ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित बीडीपीओ को आदेश दिए कि इस मामले की जल्द जांच की जाए। महिला सरपंच के करोड़ों के घोटाले की खबर लगते ही प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसक गई अब डीसी फरीदाबाद के बीडीपीओ को दिए गए आदेश पर फिलहाल इस घोटाले की जांच एसडीएम राजेश कुमार को सौंप दी गई है जिसके चलते एसडीएम ने शिकायकर्ता ग्रामीणों के साथ-साथ महिला सरपंच सुशीला भाटी को अपने कार्यालय में तलब किया तो महिला सरपंच ने घोटाले की जांच को छिपाने के लिए दलील दी कि पिछले महीने ही उनके विकास कार्यों का सारा रिकॉर्ड चोरी हो चुका है, जबकि घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज ग्रामीणों ने एसडीएम साहब के सामने पेश कर दिए जो उन्होंने आरटीआई के माध्यम से निकलवा लिए थे, फिलहाल एसडीएम बल्लबगढ़ राजेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सरपंच को 45 दिनों के अंदर पूरा रिकॉर्ड लेकर हाजिर होने का समय दिया है और साथ ही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, एसडीएम ने माना कि बिना किसी संबंधित सरकारी अधिकारी के संज्ञान में लाए कोई भी पंचायत किसी भी तरह का बिल पास नहीं कर सकती लेकिन महिला सरपंच ने बिना अधिकारियों से बात किए ही करोड़ों के बिल पास कर उनका भुगतान भी कर दिए हैं फिलहाल एसडीएम ने जांच में पारदर्शिता की बात कही है।

वहीं इस पूरे घोटाले पर शनिवार जब बीडीओ पूजा शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है जल्द ही इसका नतीजा सबके सामने आएगा, लेकिन जब मीडिया ने सवाल किया किया कि ग्रामीणों की 3 महीने पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई तो उन्होंने टैक्निकल जांच की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया, जबकि मौके पर भेजी गई टीम ने भी आज तक कोई रिपोर्ट उन्हें सौंपी ही नहीं है। इस करोड़ों के घोटाले को उजागर सेना से रिटायर उन जवानों ने किया जो इस गांव के ही वाशिंदे हैं, सेवानिवृत होकर गांव में आए तो पता लगा कि यहां कि महिला सरपंच ने विकास कार्यों के नाम पर बहुत ही बड़ा घोटाला कर दिया है जो विकास कार्य गांव में हुए ही नहीं उनके नाम के बिल कब के पास हो चुके थे और जो काम गांव में किए भी गए तो उनमें घटिया मैटिरियल इस्तेमाल किया गया था, जिसको देखते हुए ग्रामीणों ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी तो उससे सारे मामले का पर्दाफाश हुआ, अब सेना के इन रिटायर जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इलाके के एमएलए टेकचंद शर्मा, डीसी फरीदाबाद, एसडीएम, बीडीओ के साथ-साथ सीएम विंड़ो पर भी शिकायत की है लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ, बल्कि इस मामले में संलिप्त अधिकारी ही लीपा-पोती करने में लगे हुए हैं। सेना के रिटायर जवान और ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि महिला सरपंच ने अपने परिजनों के साथ मिलकर करोड़ों के इस घोटाले को अंजाम दिया है और इन्हें कई बड़े राजनीतिक लोगों का आश्रय भी मिला हुआ है।


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