23 साल की पत्रकारिता में किसी ने मुझसे मेरी जाति नहीं पूछी : आशुतोष

23 साल की पत्रकारिता में किसी ने मुझसे मेरी जाति नहीं पूछी : आशुतोष


नई दिल्ली। हाल ही में आम आदमी पार्टी से अलग हुए आशुतोष ने पार्टी द्वारा उनकी जाति उजागर करने पर नाराजगी जताई है। हालांकि उन्होंने भाजपा पर भी अपनी खीज निकाली। आशुतोष ने कहा, पता 'चला है कि बीजेपी मेरे ट्वीट पर प्रेसर कर रही है।'

आशुतोष ने बुधवार को ट्वीट कर कह, '23 साल की पत्रकारिता करियर में कभी किसी ने मुझसे मेरी जाति या सरनेम नहीं पूछा। मैं हमेशा अपने नाम से जाना जाता था लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में मेरे विरोध के बाद मुझे मेरे सरनेम से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पेश किया गया। फिर बाद में मुझे कहा गया- सर आप जीतोगे कैसे, आपकी जाति के यहां काफी वोट हैं।

हालांकि अपने अगले ही ट्वीट में आशुतोष ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, 'टीवी के चील-गिद्धों ने मेरे ट्वीट को गलत समझा। मैं 'आप' में नहीं हूं न ही पार्टी के अनुशासन से बंधा हूं। अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हूं। मेरे शब्दों का इस्तेमाल कर 'आप' पर हमला करना गलत है। मुझे बख्श दो, मैं 'आप' का कार्यकर्ता नहीं हूं।'

इसके बाद आशुतोष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, 'पता चला है कि भाजपा मेरे ट्वीट पर प्रेसर कर रही है। अच्छा है। भाजपा को गंगा मइया में खड़ा होकर कहना चाहिये, गौ माता को छू कर कहना चाहिए कि वो जाति के आधार पर न तो टिकट देती है और न ही वोट मांगती है। असली 'हिंदू' होंगे तो ये ज़रूर कहेंगे।'

उल्लेखनीय है कि आशुतोष ने 15 अगस्त को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि आशुतोष ने पार्टी छोड़ने की वजह निजी बताई थी लेकिन राज्यसभा में उन्हें न भेजा जाना भी एक वजह हो सकती है। ऐसे कयास राजनीतिक जगत में लगाए जा रहे हैं।

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