राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे हैं जानलेवा...वर्ष 2015 लील गया 5 लाख से अधिक जिंदगियां

राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे हैं जानलेवा...वर्ष 2015 लील गया 5 लाख से अधिक जिंदगियां

नई दिल्ली। देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2015 में हुई दुर्घटनाओं में करीब 5 लाख 14 हजार लोग मारे गए। इस दौरान कुल सड़क दुर्घटनाओं में करीब 30 फीसदी दुर्घटनाएं इन राजमार्गों पर हुईं।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2015 में देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में जितने लोग मारे गए, उनमें से अकेले 35 प्रतिशत ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुई दुर्घटनाओं में जान गंवाई। यद्यपि देश के कुल सड़क नेटवर्क में राजमार्गों का हिस्सा महज दो प्रतिशत के करीब है। सड़क सुरक्षा उपायों सें संबंधित एक अन्य सवाल के उत्तर में श्री गडकरी ने कहा कि इस दिशा में सरकार कई प्रभावी उपाय कर रही है। सड़क सुरक्षा, यातायात जाम की समस्या से निबटने और सड़क संपर्क की स्थिति सुधारने के लिए उनके मंत्रालय ने मौजूदा 115435 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग का विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य सड़कों के 51 हजार 300 किलोमीटर हिस्से को राष्ट्रीय राजमार्गों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने समतल, पर्वतीय और ढलवा भूभाग के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों की संख्या क्रमश: 15 हजार, 11 हजार और 8 हजार से घटाकर क्रमश 10 हजार, आठ हजार 500 और छह हजार प्रतिदिन प्रति वाहन कर दी है।

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