जनहित के मुद्दे संसद में उठाना 'पाप' है तो यह करते रहेंगे: कांग्रेस

जनहित के मुद्दे संसद में उठाना पाप है तो यह करते रहेंगे: कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने संसद की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए दस्तावेज तैयार करने के भारतीय जनता पार्टी के आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज कहा कि जिम्मेदार विपक्ष के नाते पार्टी हर सत्र से पहले जनहित से जुड़े मुद्दों पर शोध करती है और फिर सहमति होने पर उन्हें सदन में उठाया जाता है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा शोध विभाग के प्रमुख राजीव गौड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पार्टी हर सत्र से पहले संसद में सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जनहित के मुद्दों पर शोध करती है। इस बार उनका ब्योरा मीडिया के पास पहुंच गया है और भाजपा उसे तोड़ मरोड़कर पेश कर गैरजिम्मेदाराना और वह बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो दस्तावेज तैयार किया है वह किसानों, दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर तबकों को लेकर सरकार की अनदेखी को लेकर है। इसके अलावा इसमें वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) को लागू करने के बाद लोगों को हो रही दिक्कतों का विवरण, महात्मागांधी ग्रामीण रेाजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को पंगु बनाने की सरकार की योजना, स्वास्थ्य क्षेत्र में मोदी सरकार की असफलता, हर दिन हो रही हिंसा की वारदात तथा गोरक्षा के नाम पर पीट पीटकर हत्याएं किए जाने की घटनाओं पर शोध शामिल है। प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जनहित से जुड़े इन मुद्दों को संसद के मानसून सत्र में उठाने की रणनीति बनायी है। ये सभी ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करे। उन्होंने कहा कि जतना की बात कहना यदि गलत है या कोई पाप है तो कंग्रेस बार बार लोगों के हित में यह पाप करती रहेगी। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने सरकार को घेरने और संसद ठप करने के लिए यह दस्तावेज तैयार किया है और इससे कांग्रेस की साजिश का पर्दाफाश हो गया है।

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