जीएसटी के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

जीएसटी के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को हड़बड़ी में लागू किये जाने का आरोप लगाते हुए आज जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्र्रेस अध्यक्ष अजय माकन की अगुवाई में प्रदर्शन में दिल्ली कांग्रेस प्रभारी और पार्टी के महासचिव पी सी चाको, पूर्व सांसद सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर बड़ी संख्या में पूर्व विधायकों, पूर्व पार्षदों और पूरी दिल्ली से आये कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और जीएसटी को लागू किये जाने तौर-तरीकों पर नाराजगी जतायी। श्री माकन ने कार्यकर्ताओं से कहा कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी को इस तरीके से बनाया है कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंच रहा है जबकि लघु और छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। नरेन्द्र मोदी सरकार के पिछले तीन साल के कार्यकाल के दौरान लोगों को नये रोजगार देना तो दूर रहा उलटे जो गरीब अपना कारोबार कर रहे थे, उनका भी जीएसटी की गलत नीतियों की वजह से रोजगार छिन गया है। जीएसटी ने न केवल व्यापारियों अपितु जनता की कमर भी तोड़ दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी इतना गलत तरीके से बनाया और क्रियान्वित किया गया है कि यह केवल सरकार के उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है। जीएसटी के कारण लघु और छोटे उद्योग-धंधे के बंद हो जाने से बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात के सूरत में लाखों व्यापारी और आम जनता जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ने विपक्ष का दायित्व और जनता की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सरकार के जनविरोधी कदमों का विरोध किया है और इसी क्रम में 18 जुलाई को जीएसटी के खिलाफ संसद पर प्रदर्शन किया जायेगा। श्री माकन ने कहा कि कांग्रेस जब जीएसटी लायी थी तो उसमें अधिकतम कर की दर 14 प्रतिशत थी। मोदी सरकार कर की दर को दोगुना करने के बावजूद जीएसटी को लेकर लोगों पर भारी कर थोपने के बावजूद अपनी पीठ थपथपा रही है। प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी से उनकी दिक्कतें बढ़ी है और एक बार फिर इंस्पेक्टर राज का बोल बाला होने की आशंका बढ़ गयी है।

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