सात लाख करोड़ से बनेगी 84 हजार किलोमीटर सड़क

सात लाख करोड़ से बनेगी 84 हजार किलोमीटर सड़क

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था तथा कारोबार को गति देने के लिए अगले पाँच साल में लगभग सात लाख करोड़ रुपये के निवेश से 83 हजार 677 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जायेगा, जिसमें भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाली 34 हजार 8०० किलोमीटर सड़कें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज यहाँ हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी। वित्तीय सेवाओं के सचिव अशोक लवासा ने पत्रकारों को बताया कि वित्त वर्ष 2०21-22 तक 83,677 किलोमीटर सड़क निर्माण की मंजूरी दी गयी है। इस पर छह लाख 92 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। इससे 14 करोड़ 2० लाख मानव दिवस के बराबर रोजगार का सृजन होगा। इसमें मौजूदा परियोजनाओं के तहत हो रहे निर्माण भी शामिल हैं। इसमें आर्थिक गलियारों, सीमावर्ती सड़कों, तटीय सड़कों, नये एक्सप्रेस वे तथा महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को जोडऩे वाली फीडर सड़कें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत अगले तीन साल में 88,185 करोड़ रुपये खर्च करके एक लाख नौ हजार 3०2 किलोमीटर सड़कें बनायी जाएंगी। वर्ष 2०19-2० तक नक्सल प्रभावित 44 जिलों में नयी सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी तथा 11,725 करोड़ रुपये की लागत से 5,411 किलोमीटर सड़कों को बेहतर बनाया जायेगा। श्री लवासा ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत 34,8०० किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा जिस पर पाँच करोड़ 35 लाख रुपये का निवेश किया जायेगा। इसमें 2.०9 लाख करोड़ बाजार से जुटाये जायेंगे और 1.०6 लाख करोड़ निजी निवेश के जरिये आयेंगे जबकि 2.19 करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क कोष या टोल के माध्यम से उपलब्ध कराये जायेंगे। भारतमाला से इतर बनने वाली 48,877 किलोमीटर सड़क पर 1.57 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा, जिसके लिए 97 हजार करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क कोष और 59 हजार करोड़ रुपये बजटीय आवंटन के जरिये दिये जायेंगे। भारतमाला के तहत नौ हजार किलोमीटर आर्थिक गलियारे का निर्माण होगा और गलियारों को आपस में जोडऩे और फीडर रूटों के रूप में छह हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जायेगा। राष्ट्रीय गलियारों की क्षमता बढ़ाने के लिए पाँच हजार किलोमीटर, सीमा पर तथा अंतर्राष्ट्रीय मार्गों को जोडऩे वाली दो हजार किलोमीटर, तटीय सड़क तथा बंदरगाहों को जोडऩे के लिए दो हजार किलोमीटर और नये एक्सप्रेस वे के रूप में 8०० किलोमीटर सड़कों का निर्माण होना है।

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