पश्चिम में खतरनाक स्तर तक पहुंचा प्रदूषण...वातावरण में धूलकणों ने बढाई मुश्किलें, मुंह और नाक ढककर चलने की सलाह

पश्चिम में खतरनाक स्तर तक पहुंचा प्रदूषण...वातावरण में धूलकणों ने बढाई मुश्किलें, मुंह और नाक ढककर चलने की सलाह

नई दिल्ली। उत्तर भारत में हवा में भारी मात्रा में मौजूद धूलकणों और इसके कारण बढ़े प्रदूषण से अगले तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि आवश्यक कार्यों से घर से बाहर निकलना पडता है तो मुंह और नाक को कपडे से ढक लें, ताकि ये धूल कण शरीर में प्रवेश नहीं कर सकें। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने आज एक ट््वीट कर बताया कि उपग्रह से मिली तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि मौजूदा स्थिति तीन दिन तक बनी रहेगी। तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि यह उत्तर भारत के ऊपर बने धूल की चादर का चित्र है। धूल के भारी बादल पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं। उनके अनुसार तकनीकी विश्लेषण से यह पता चला है कि यह धूल राजस्थान और अरब के रेगिस्तान से आई है तथा धूल भरी आँधी से संबंधित मॉडल यह दर्शाते हैं कि अगले तीन दिन तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिन में 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चलेगी। विभाग के अनुसार शुक्रवार शाम से हवा में धूल की मात्रा कम होनी शुरू होगी जब पश्चिमोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ आँधी चलने की संभावना है। इस बीच राष्ट्रीय राजधानी में लगातार चौथे दिन प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर रहा। हवा में प्रदूषण का स्तर बताने वाली पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की इकाई 'सफर' के अनुसार आज दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 1297 पर पहुँच गया। स्वच्छ हवा में इसका स्तर 100 से नीचे रहता है। यह संभवत: पहली बार है जब दिल्ली में पीएम 10 की मात्रा इतनी ज्यादा दर्ज की गयी है। पीएम 2.5 का स्तर भी 262 रहा। सफर ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 908 तथा पीएम 2.5 का 184 रहने की संभावना है।
दिल्ली में 17 जून तक निर्माण गतिविधियों पर रोक
नई दिल्ली। दिल्ली में दम घोंटू वायु प्रदूषण को ध्यान में रखकर आपात कदम उठाते हुए सभी निर्माण गतिविधियों पर 17 जून तक रोक लगा दी गयी है।
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए गुरुवार को आपात उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में आपात उपायों के तहत सभी निर्माण गतिविधियों पर 17 जून तक रोक लगाने का फैसला किया गया। धूल प्रदूषण को कम करने के लिए पानी का छिड़काव भी किया जायेगा। बैठक में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण, दिल्ली सरकार में मंत्री इमरान हुसैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। श्री बैजल ने जानकारी दी कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन, तीनों निगम, लोक निर्माण विभाग और एनबीसीसी जैसी एजेंसियां अधिक निगरानी रखेंगी और निर्माण गतिविधियों को 17 जून तक स्थगित रखने के फैसले का पालन करायेंगीं। उपराज्यपाल ने कहा है कि हरित दिल्ली हम सबका साझा लक्ष्य है। दिल्ली में तीन महीने 15 जुलाई से 15 सितम्बर तक बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जायेगा, जिसमें दिल्ली के निवासियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पौधारोपण के लिए जगह को चिन्हित करने और पौधों की खरीद और उपलब्धता का काम दिल्ली का वन विभाग करेगा। राजधानी में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और मौसम विभाग का मानना है कि इससे अभी अगले दो-तीन रोज राहत नहीं मिलने वाली हैं। प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। राजस्थान में धूल भरी आंधी का प्रभाव गुरुवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला। दिल्ली में मंगलवार से ही वातावरण में धूल छायी हुई है। राजस्थान में आये तूफान की वजह से ऐसा हुआ है। धूल और हवा में गुणवत्ता का स्तर घटने से बुधवार पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर बढ़ गया। पीएम 2.5 का स्तर करीब 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। पीएम 10 का स्तर आर के नगर में 797 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर पहुंच गया।

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