स्वेच्छा से प्रतिनियुक्ति लेने वालों पर लागू नहीं होगी वरिष्ठता की व्यवस्था

स्वेच्छा से प्रतिनियुक्ति लेने वालों पर लागू नहीं होगी वरिष्ठता की व्यवस्था

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि स्वेच्छा से प्रतिनियुक्ति लेने वालों के लिए वरिष्ठता की व्यवस्था लागू नहीं होगी। न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने डाक विभाग में दिल्ली नगर निगम से प्रतिनियुक्ति के आधार पर आए जूनियर इंजीनियरों की याचिका खारिज करते हुए आज यह व्यवस्था दी।
याचिकाकर्ताओं की प्रतिनियुक्ति डाक विभाग में की गई थी जहां बाद में इन सभी ने स्वेच्छा से स्थायी नियुक्ति का विकल्प चुन लिया था। स्थायी नियुक्ति के बाद इन लोगों ने डाक विभाग की नौकरी में उसी वरिष्ठता क्रम का दावा कर दिया जो उन्हें नगर निगम में मिला हुआ था। याचिकाकर्ताओं ने यह दावा इस आधार पर किया था कि प्रतिनियुक्ति के बाद स्थायी नियुक्ति के लिए उनके समक्ष जो शर्तें रखीं गईं वह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि प्रतिनियुक्ति के बाद उसी पद पर स्वेच्छा से स्थायी नियुक्ति का विकल्प चुनने वाले अपने पहले की सेवा में मिले वरिष्ठता क्रम का दावा नहीं कर सकते।

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