आर्थिक साझेदारी भारत-नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मुख्य स्तंभ: कोविंद

आर्थिक साझेदारी भारत-नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मुख्य स्तंभ: कोविंद

नयी दिल्ली राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि नीदरलैंड के महाराजा विलियम एकेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा की भारत यात्रा से दाेनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

श्री कोविंद ने शाही दम्पति के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित भोज के माैके पर कहा " भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों का स्तंभ आर्थिक साझेदारी है। हमारी आर्थिक साझेदारी ने हमारे लोगों के लिए नौकरियों से लेकर ,जीवन शैली और खाद्य के क्षेत्र में नयी संभावनाएं सृजित की हैं। यूरोप के किसी भी देश के मुकाबले आज नीदरलैंड में सर्वाधिक भारतवंशी रह रहे हैं। नीदरलैंड में भारतीय छात्रों और पेशवर लोगों की संख्या बढ़ने से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों में घनिष्ठता आ रही है और हमारी तकनीकी साझेदारी मजबूत हो रही है।"

राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे को समर्थन करने के लिए नीदरलैंड की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड साइबर सुरक्षा , जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद समेत वर्तमान की सभी चुनौतियों के प्रति समान सोच एवं चिंता रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद विश्व के सभी देशों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है और इसे कुचलने के लिए वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

शाही दंपति पांच दिनों की यात्रा पर आज भारत पहुंचे हैं। नयी दिल्ली के हवाई अड्डे पर शाही जोड़े का पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान कई अधिकारी भी मौजूद थे। वर्ष 2013 में सत्ता में आने के बाद श्री एकेक्जेंडर की यह पहली भारत यात्रा है। आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के अलावा दोनों मुंबई और केरल की यात्रा भी करेंगे।

वे दिल्ली में 25वें प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में नीदरलैंड भागीदार है। 2018-19 में भारत और नीदरलैंड के बीच 12.87 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार कारोबार हुआ।

नीदरलैंड 2000 और 2017 के बीच भारत में 23 बिलियन डॉलर निवेश करने के कारण पांचवां सबसे बड़ा निवेशक बन गया है। नीदरलैंड में 235,000 प्रवासी भारतीय रहते हैं। यह संख्या यूरोप के किसी देश के मुकाबले ज्यादा है।

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