उच्चतम न्यायालय ने दही-हांडी मामला बम्बई उच्च न्यायालय को किया स्थानांतरित

उच्चतम न्यायालय ने दही-हांडी मामला बम्बई उच्च न्यायालय को किया स्थानांतरित


नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाली दही-हांडी प्रतियोगिता में ऊंचाई बढ़ाने और 'गोविंदा' की उम्र निर्धारित करने का मामला विचारार्थ बम्बई उच्च न्यायालय को भेज दिया है। न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने राज्य सरकार के सुरक्षा संबंधी हलफनामे के मद्देनजर बम्बई उच्च न्यायालय को सात अगस्त को इस मामले में नये सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया। इस मामले में सुरक्षा इंतजामों पर राज्य सरकार के हलफनामे पर विचार किया जाना है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अगर ठीक लगे तो उच्च न्यायालय नया आदेश पारित करे। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में बम्बई उच्च न्यायालय ने दही हांडी की ऊंचाई 20 फुट करने और 'गोविंदाओं' की उम्र 18 साल से कम करने का आदेश दिया था। तब से आयोजक दही-हांडी प्रतियोगिता के लिए इस संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश में बदलाव की मांग कर रहे थे।
दही-हांडी प्रतियोगिता इस वर्ष 15 अगस्त को आयोजित की जानी है। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने हलफनामा दाखिल कर पुलिस आयुक्त द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में बताया है। इन मानकों के तह्त दाही हांडी आयोजनों के लिए गद्दों और मेट्रेस की लेयर का इंतजाम करना अनिवार्य है। साथ ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले गोविंदा का बीमा, चेस्ट गार्ड हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट मुहैया कराना भी ज़रुरी होगा। इसके अलावा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों का पंजीकरण ज़रुरी कर दिया गया है।

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