महाराष्ट्र के सांगली-कोल्हापुर में बाढ़ से हाहाकार, बचाव कार्य जारी..अरबों रुपये का कारोबार ठप

महाराष्ट्र के सांगली-कोल्हापुर में बाढ़ से हाहाकार, बचाव कार्य जारी..अरबों रुपये का कारोबार ठप


मुंबई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली, सातारा और गढ़चिरोली सहित कई जिले बीते पांच दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 23 गांवों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। अरबों रुपये का कारोबार ठप हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को सतर्क रहने और बाढ़ पीडि़तों को स्थानीय स्तर पर हर तरह की मदद पहुंचाने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में बाढ़ की जानकारी प्रधानमंत्री को दे दिया गया है। प्रधानमंत्री ने राज्य में हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है। कर्नाटक में आलमत्ती डैम से पानी छोड़े जाने से बाढ़ के पानी का स्तर घटने लगा है, लेकिन यहां लगातार बारिश हो रही है, जिससे राहत और बचाव कार्य में अड़चनें आ रही हैं। पुणे मौसम विभाग ने यहां दो दिन तक और तेज बारिश की चेतावनी दी है।

बताया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की 23 टुकड़ी, सेना, कोस्टगार्ड के जवान और दो हेलीकॉप्टर यहां राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। बाढ़ से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ ने 01 लाख 34 हजार 363 लोगों और 30 हजार 693 जानवरों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचाया है। अब भी यहां दूरदराज गांवों में दो लाख से अधिक लोग फंसे हुए हैं। बाढ़ में लाखों घर गिरने और मवेशियों के बह जाने के साथ लगभग छह हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र का नुकसान होने का प्राथमिक अनुमान है।

सांगली में भी स्थिति भयावह है। यहां खेत और लोगों के घरों में सिर्फ बाढ़ का पानी ही दिखाई दे रहा है। तिलक चौक और पश्चिम में सांगलीवाड़ी में पानी भरा हुआ है। सांगली अयुरविन पुल और कृष्णा का पिंजरा पर बाढ़ का पानी 5.7 फीट तक पहुंच गया है। सांगली जिले में एनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में चार नावें और तीन जवान हैं, जबकि एसडीआरएफ के दस्ते में पाच नावें और तीन जवान तैनात हैं। इसके अलावा पांच नौकाएं महाबलेश्वर से और दो नाव करमाली से मंगाई गई हैं। लगभग 05 लाख 19 हजार से अधिक नागरिकों और पांच हजार से अधिक जानवरों का पुनर्वास किया गया है।

सूबे के पुनर्वास मंत्री सुभाष देशमुख ने बताया कि बाढ़ पीढ़ितों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की 18 टीमें काम कर रही हैं। इसी प्रकार उड़ीसा से पांच टीम, पंजाब भटिंडा की पांच टीम यहां राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। मंत्री ने बताया कि कोल्हापुर में एनडीआरएफ की पांच टीम की मांग आई है। वहां अतिरिक्त टीम भेजने का इंतजाम किया जा रहा है। पुनर्वसन सचिव किशोर राजे निंबालकर सूबे के हर जिले में बाढ़ का पल-पल का जायजा ले रहे हैं और मांग के मुताबिक मदद पहुंचाने का प्रबंध कर रहे हैं।


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