मुम्बई : मुख्यमंत्री ने दिया राहत कार्य तेज करने का आदेश, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद

मुम्बई : मुख्यमंत्री ने दिया राहत कार्य तेज करने का आदेश, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद


मुंबई। अतिवृष्टि के कारण ठाणे जिला, भिवंडी, कल्याण, मुंबई शहर व उपनगरों के साथ ही राज्य के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य की आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने महाजनादेश यात्रा के दौरान सभी जिला प्रशासन व यंत्रणाओं को सतर्क रहने का आदेश दिया है। इस बीच, मुंबई के दिंडोशी में पहाड़ी धसकने से जहां 4 लोगों के घायल होने की खबर है, तो वहीं मुंबई के धारावी में तेज बहाव में 23 वर्षीय युवक बह गया। पालघर जिले के वसई में भी एक लड़का बह गया है। राज्य के कई जलसिचंन बांध, नदियां और लघु बांध लबालब भर गए हैं। कई बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बचाव कार्यों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सभी स्कूलों व कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया गया है।

तेज बरसात में दो युवक बहे

पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बरसात से राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बरसात के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई जगहों पर घर की दीवारें ढह गईं, तो कई जगहों पर पेड़ गिरने व शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं टी हैं। पालघर जिले के वसई में 14 वर्षीय नाबालिग पावन प्रजापति मूसलाधार बरसात में बह गया है। वह मोरी गांव का निवासी है। मुंबई के धारावी में भी तेज बहाव में 23 वर्षीय युवक बह गया।

तटीय इलाकों में भी आफत

मुंबई के साथ ही ठाणे, नई मुंबई और कोंकण समुद्री किनारों के शहरों को मूसलाधार बरसात से भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। राज्य भर में आई बरसाती आफत का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने ठाणे जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क कर ठाणे शहर के साथ ही ठाणे जिले में राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिय़ा। मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव अजोय मेहता को भी राज्य में राहत कार्यों की निगरानी के साथ ही संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है। आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई महानगर पालिका प्रशासन व राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को भी सजग रहने का निर्देश दिया है।

कई नदियां खतरे के निशान तक पहुंचीं

राज्य भर में जारी तेज बरसात के कारण कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई हैं। भिवंडी में भातसा नदी के पास वालकस पुल पानी के नीचे चला गया है। इसके कारण वालकस, बेहरे, कोशिंबी, खडवली, शेलू, नेरल, वावेघर समेत कई गांवों के हजारों नागरिकों का संपर्क टूट गया है। महाराष्ट्र के सांगली, सातारा, नंदूरबार, नाशिक, नागपुर में भी बरसात जारी है। शहर के भिडे पुल भी पानी के नीचे चला गया है।

बांध से छोड़ा जा रहा है पानी

पुणे में स्थित खड़कवासला, पानशेत एवं वरसगांव बांध भी लबालब भर गए हैं। बांध की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त पानी को छोड़ा जा रहा है। खड़कवासला बांध से 35 हजार 574 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानशेत और वरसगांव बांध से भी क्रमशः 12 हजार 936 क्यूसेक और 9 हजार 035 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

सातारा का कोयना बांध भी लबालब भर गया है। यहां से 2 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नाशिक की गोदावरी नदी में बाढ़ आ गई है। तेज बरसात के कारण अहमदनगर स्थित नांदूर मध्यमेश्वर बांध भी भर गया है। इसका पानी भी जायकवाडी के लिए छोड़ा गया है। नांदूर मधमेश्‍वर बांध से गोदावरी नदी में 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे गोदावरी उफान पर है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। गोदावरी के किनारे बसे वैजापुर, गंगापुर तहसीलों में बांढ़ की संभावना बढ़ गई है।

मूसलाधार बरसात के कारण ठाणे जिले की कई नदियों में बाढ़ आई है। उल्हास, भातसा और बारवी नदी उफान पर है। वसई विरार परिसर में भी जलजमाव हो गया है। कामण, नागले, मोरी गांव के साथ ही अन्य ग्रामीण इलाकों में बाढ़सदृश्य परिस्थिति पैदा हो गई है। भातसा नदी की बाढ़ में सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम जारी है।

नमक की खेती करने वालों की परेशानी बढ़ी

वसई पूर्व मीठागर परिसर में नमक की खेती करनेवालों की बस्तियां बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। यहां पर रहनेवाले 400 परिवारों को बचाने का काम जारी है। अर्नाला गांव से लगभग 100 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। वसई के राजीवली - वाघरालपाडा से भी लगभग 50 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। कामण गांव और साराजामोरी गांव से एनडीआरएफ की टीम ने 100 से ज्यादा नागरिकों का रेस्क्यू किया है। वसई विरार महानगर पालिका प्रशासन व अग्निशमन दल के जवानों ने छोटी नावों की मदद से अब तक तीन सौ लोगों का रेस्क्यू किया है।

गांवों में फंसे हजारों लोगों को बाहर निकाला गया

ठाणे जिले के खडवली स्थित जू गांव में फंसे 60 से अधिक नागरिकों को भारतीय वायू सेना की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बांध के पानी में फंसे खांडवली के पास नांदखुरी गांव से भी लगभग 50 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकालने का प्रयास जारी था। पालघर व विक्रमगढ़ तालुका के मलवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र में जलजमाव होने से 150 से 200 मरीजों व नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। इसी तरह, पुणे शहर की मुठा नदी भी खतरे का निशान पार कर गई है। नदी किनारे के गांव में पानी भर गया है। पुणे महानगर पालिका की ओर से पांच सौ नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। पुणे के पवनानगर के एक बंगले में बाढ़ में फंसे 7 लोगों को बचाया गया है। रत्नागिरी जिले में पिछले 24 घंटे में 160 मिली मीटर पानी बरसा है। जिले की जगबुडी नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। इसके अलावा पातालगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। मौजे आपटे गांव के जूना कोलीवाडा, मुस्लिम मोहल्ला, जूना पिंपल आली समेत नदी किनारे के घरों में पानी भर गया है। आपटा-खारपाडा रोड भी पानी के नीचे चला गया है। रायगढ़ जिले के कई शहरों में जलजमाव की स्थिति है। नागोठाणे शहर में बाढ़ जैसे हालात हैं। शहर के एसटी स्टेशन, कोलीवाडा, शिवाजी चौक, बाजारपेठ, बांगलेआली परिसर में 4 फुट पानी जमा हो गया है। सिंधुदुर्ग समुद्री किनारों पर समुद्र मे उठनेवाली ऊंची लहरों का सामना करना पड़ रहा है। वेंगुर्ला, मालवण, देवगढ़ तालुका में समुद्र का पानी सड़कों और गांवों में पहुंच गया है। देवगढ़ तालुका के मलई, विरवाडी, गिर्ये और आनंदवाडी परिसर में भारी जलजमाव है। आनंदवाडी में बंदरगाह प्रकल्प के कारण समुद्र के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। विदर्भ और मराठवाड़ा की सीमा पर स्थित पैनगंगा नदी में भी बाढ़ आई है। पैनगंगा नदी किनारे पर स्थित सहस्त्रकुंड झरना भी बहने लगा है। उमरखेड तालुका में 73 मिलीमीटर बरसात होने से पैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। तेज बरसात के कारण यवतमाल और आणि नांदेड जिले की सीमा से होकर बहनेवाली पैनगंगा नदी के तेजबहाव से गांववालों में भय का माहौल है। कराड तालुका और इस्लामपुर के लोगों का संपर्क टूट गया है। कृष्णा नदी में भी बाढ़ आई है। कृष्णा नदी के तेज बहाव को देखते हुए बहे (वालवा) पुल का यातायात बंद कर दिया गया है। कोयना बांध से पानी छोड़े जाने से कृष्णा नदी में बाढ़ आई है।

रेल की सेवाएं हुईं बाधित

शुक्रवार-शनिवार से ही जारी तेज बरसात के कारण मध्य रेलवे के साथ ही कोंकण रेलवे को भी झटका लगा है। पेण रेलवे मार्ग पर पहाड़ी धसकने से रेल सेवाओं को खंडित कर दिया गया है। दुष्मी रेलवे गेट परिसर में भी भूस्खलन होने से कोंकण रेल सेवाएं प्रभावित हुई है। राजधानी एक्सप्रेस समेत कई मेल-एक्सप्रेस गाड़ियां कई घंटों से ट्रैक पर ख़ड़ी हैं। मध्य रेलवे पर भी कई गाड़ियों को रद्द कर दिया गया। नागपुर मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस को इगतपुरी में टर्मिनेट किया गया। गाड़ियां रद्द होने के बाद पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे प्रशासन की ओर से आरक्षित टिकटों के पैसों को रिफंड किया जा रहा है।


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