आईटीसी ने बाजार को डुबोया, चार माह की सबसे बड़ी गिरावट

आईटीसी ने बाजार को डुबोया, चार माह की सबसे बड़ी गिरावट


सिगरेट पर उपकर बढ़ाने के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद् के फैसले के बाद इस क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी और शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा प्रभाव रखने वाली कंपनी आईटीसी के शेयरों में 12 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के कारण घरेलू शेयर बाजार आज धड़ाम हो गये। गत दिवस अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने वाले शेयर बाजारों को आज अकेले आईटीसी ने लाल निशान में पहुँचा दिया।
बीएसई का सेंसेक्स 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 363.79 अंक लुढ़ककर 31,710.99 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.90 प्रतिशत यानी 88.80 अंक का गोता लगाकर 9,827.15 अंक पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स में 21 नवंबर 2016 रिपीट 21 नवंबर 2016 के बाद की और निफ्टी में 22 रिपीट 22 मार्च के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।
आईटीसी के शेयर 13.32 प्रतिशत की गिरावट में 282.35 अंक पर खुले। कारोबार के दौरान एक समय यह 276.90 अंक तक उतर गया था। हालाँकि अंतत: यह 12.63 प्रतिशत यानी 41.15 अंक की गिरावट के साथ 284.60 अंक पर रहा।
आईटीसी के अलावा सेंसेक्स की 10 अन्य कंपनियाँ लाल निशान में तथा 19 हरे निशान में रहीं।
आईटीसी के बाद सबसे ज्यादा 2.03 प्रतिशत की गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज में रही।
एशियन पेंट्स में करीब दो प्रतिशत की तेजी रही।
इसके अलावा ओएनजीसी, सनफार्मा और एक्सिस बैंक में भी एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गयी। आईटीसी के दबाव में बाजार की सकल निवेशधारणा भी नकारात्मक रही। सेंसेक्स 299.24 अंक का गोता लगाते हुये 31,775.54 अंक पर खुला।
हालाँकि, अन्य कंपनियों ने सूचकांक को सँभालने की कोशिश की। लेकिन, आईटीसी में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि सेंसेक्स कभी 32 हजार अंक के आसपास भी नहीं पहुँच सका।
कारोबार के दौरान 31,911.61 अंक के दिवस के उच्चतम और 31,628.44 अंक के न्यूनतम स्तर को छूने के बाद यह गत दिवस के मुकाबले 363.79 अंक लुढ़ककर 31,710.99 अंक पर बंद हुआ। यह 07 जुलाई के बाद का इसका न्यूनतम बंद स्तर है।

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