यात्री वाहनों की बिक्री में 49 महीने की सबसे तेज गिरावट

यात्री वाहनों की बिक्री में 49 महीने की सबसे तेज गिरावट


नयी दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले डीलरों द्वारा कंपनियों से नये वाहनों की खरीद टालने के कारण जून में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री में 49 महीने की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गयी और यह 11.21 प्रतिशत घटकर 1,98,399 इकाई रह गयी।
पिछले साल जून में देश में 2,23,454 यात्री वाहन बिके थे।
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आँकड़े जारी करते हुये बताया कि यह मई 2013 (11.70 प्रतिशत) के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।
उन्होंने बताया कि डीलरों को पुराने स्टॉक पर सेस की भरपाई करने के लिए सरकार तैयार नहीं थी जिसके कारण उन्होंने एक तरफ भारी छूट पर वाहन बेचे तो दूसरी तरफ स्टॉक बढ़ाने से बचने के लिए कंपनी से खरीदारी नहीं की।इस कारण थोक बिक्री के आँकड़ों में गिरावट आयी है।उन्होंने कहा कि खुदरा बिक्री जून में अच्छी रही है।यात्री वाहनों में जून में कारों की बिक्री 11.24 प्रतिशत घटकर 1,36,895 इकाई पर आ गयी।
उपयोगी वाहनों की बिक्री 11.25 प्रतिशत और वैनों की 10.72 प्रतिशत गिरकर क्रमश: 49,547 और 11,957 इकाई पर रही।दुपहिया वाहनों की बिक्री में चार प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गयी और इसका आँकड़ा पिछले साल जून के 14,68,263 से बढ़कर 15,27,049 पर पहुँच गया।
मोटर साइकिलों की बिक्री 2.18 प्रतिशत बढ़कर 9,64,269 पर और स्कूटरों की 10.60 प्रतिशत बढ़कर 4,97,478 पर पहुँच गयी।नोटबंदी से वाहनों की बिक्री खासी प्रभावित हुई थी।सियाम ने अपने तिमाही प्रस्तुतिकरण में कहा है कि यात्री वाहनों और दुपहिया वाहनों की बिक्री में आने वाले समय में वृद्धि जारी रहेगी।जून के कमजोर आँकड़ों से पहली तिमाही के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री की वृद्धि दर 4.38 प्रतिशत और दुपहिया वाहनों की 7.78 प्रतिशत रह गयी।सियाम ने पहले कहा था कि चालू वित्त वर्ष में यात्री वाहनों की बिक्री सात से नौ प्रतिशत बढ़ेगी।

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