सरकार ने आंगनवाड़ी और आशाकर्मियों के मानदेय में वृद्धि कर उनकी शिकायतें कीं दूर: जेटली

सरकार ने आंगनवाड़ी और आशाकर्मियों के मानदेय में वृद्धि कर उनकी शिकायतें कीं दूर: जेटली


नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने आंगनवाड़ी और आशाकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी करके उनकी शिकायतों को दूर किया है। शनिवार को जेटली ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि आंगनवाड़ी कर्मियों और उनके सहयोगियों की यह मांग काफी समय से थी कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी की जाए लेकिन पिछली सरकारें राजस्व के बारे में विचार कर इन कर्मियों को लाभ देने से हिचकिचाती रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी और आशाकर्मियों के मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है और इससे 25 लाख कर्मियों की शिकायतें दूर हुई हैं।

जेटली ने कहा, 'बजट पर पड़ने वाले दबाव को जानते हुए भी सरकार ने इन कर्मियों के मानदेय में करीब 50 फीसदी की वृद्धि की है। इससे उनकी लंबे अरसे से चली आ रही शिकायतों को दूर करने में मदद मिलेगी।' इससे पहले इसी सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों के मानेदय में अक्टूबर से वृद्धि की घोषणा की थी। आंगनवाड़ी कर्मियों का मानदेय 3000 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये मासिक किया गया है। छोटे आंगनवाड़ी कर्मियों का मानदेय 2250 से 3500 रुपये मासिक और सहायकों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 2250 रुपये मासिक किया गया है।

उन्होंने कहा है कि इन कर्मियों के प्रदर्शन के आकलन के आधार पर इन्हें क्रमश: 500 और 250 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। जेटली ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राष्ट्रीय पोषण मिशन के मुख्य आधार हैं। उल्लेखनीय है कि देश में करीब 12.9 लाख आंगनवाड़ी कर्मी तथा 11.6 लाख आंगनवाड़ी सहायक हैं। जेटली ने कहा कि यह लाभ करीब 24.9 लाख आंगनवाड़ी कर्मियों और उनके सहायकों को मिलेगा। अपनी फेसबुक पोस्ट 'केंद्र सरकार की दो सफल पहल' में जेटली ने लिखा है कि पूर्व में सरकार की योजना को लेकर एक आम अविश्वास की भावना होती थी।

वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में स्वच्छता अभियान की घोषणा की थी। उस तक ग्रामीण स्वच्छता दायरा 39 फीसदी था जो आज बढ़कर 92 फीसदी हो गया है। इसी तरह जब प्रधानमंत्री ने वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की घोषणा की थी तो बहुत से लोगों का मानना था कि यह सिर्फ तस्वीर खिंचवाने का मौका है। जेटली ने कहा कि आज यह एक बड़ा अभियान बन चुका है। ग्रामीण महिलाएं इसमें प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़क, ग्रामीण विद्युतीकरण, ग्रामीण आवास योजना, शौचालय और रसोई गैस कनेक्शन तथा सस्ते दाम पर खाद्यान्न जैसी योजनाओं की वजह से देश के ग्रामीणों के जीवनस्तर में महत्वपूर्ण सुधार आया है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च उपलब्ध होगा। इस योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद देश की ग्रामीण आबादी का जीवनस्तर सुधर सकेगा।


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