पंजाब नेशनल बैंक ने दिये 668 करोड़ ऋण

पंजाब नेशनल बैंक ने दिये 668 करोड़ ऋण




औरंगाबाद । सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने औरंगाबाद जिले में बेरोजगारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को पिछले तीन वर्ष में कुल 668 करोड़ रुपये ऋण दिये हैं।

पीएनबी के वरीय जिला प्रबंधक एस. पी. दास ने आज यहां बताया कि बैंक की ओर से निर्गत 668 करोड़ रुपये ऋण से जिले के हजारों बेरोजगारों को जहां रोजगार से जोड़ा गया है वहीं भारी संख्या में किसान कृषि ऋण प्राप्त कर खेती के साथ ही अनाज उत्पादन बढ़ा रहे हैं। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद की जा रही है। साथ ही जिले के सैकड़ों परिवारों को आवास ऋण के जरिए उनके घर के सपने को साकार करने में बैंक ने मदद की है।

दास ने बताया कि पीएनबी की जिले में 30 शाखाओं के माध्यम से ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने की कोशिश की जा रही है। इस क्रम में बैंक ने मदनपुर में ग्राहकों की सुविधा के लिए अपनी शाखा खोलने का निर्णय लिया है और शीघ्र ही वहां बैंक की शाखा खुल जाएगी। इसके अलावा रिसियप और माली में ग्राहकों को अच्छी सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से वहां की बैंक शाखा को नए भवन में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।

वरीय जिला प्रबंधक ने बताया कि जिले के सभी 204 ग्राम पंचायतों में बैंकिग की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। यदि किसी पंचायत में बैंकिग की सुविधा नहीं होने की सूचना उन्हें मिलती है तो वह वहां यथाशीघ्र इसकी व्यवस्था कराने का प्रयास करेंगे। जिन ग्राम पंचायतों में बैंक की शाखा नहीं है वहां ग्राहक सेवा प्वाइंट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

दास ने बताया कि पीएनबी की जिले में ऋण धारियों के पास 335 करोड़ रुपये गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) है, जिसकी वसूली के लिए समझौता करने के साथ ही लोक अदालत के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सोमवार को कर्जदारों और बैंक के बीच समझौता करा कर एनपीए हो चुकी राशि की वसूली करने का हर संभव प्रयास जारी है। इसके अलावा सरफ़ेसी अधिनियम के माध्यम से उन ऋणधारियों से राशि वसूली का प्रयास किया जा रहा है, जो समय पर कर्ज की अदायगी करने में विफल रहे हैं।

वरीय जिला प्रबंधक ने बताया कि जिले के लोगों को शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैंकिग की अच्छी से अच्छी सुविधा मिले इसके लिए वह निरंतर प्रयासरत हैं तथा सभी बैंककर्मियों को ग्राहकों तथा नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करने एवं उन्हें अच्छी सेवा प्रदान करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी जन-धन योजना के लागू होने से भी बैंक की जमा राशि में अच्छी खासी वृद्धि हुई है और ग्राहकों की संख्या बढ़ी है।

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