शेयर बाजार नये शिखर पर

शेयर बाजार नये शिखर पर


मुंबई । कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणामों के बीच रिजर्व बैंक द्वारा लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में की गयी बढोतरी के दबाव में उथल पुथल भरे कारोबार के बावजूद घरेलू शेयर बाजार बीते सप्ताह बढ़त हासिल करने में सफल रहा और लिवाली के बल पर नये शिखर पर पहुंच गया।

अगले सप्ताह भी कंपनियों के तिमाही परिणामों और वैश्विक स्तर होने वाले घटनाक्रमों पर बाजार की चाल तय होगी। विश्लेषकों के अनुसार अगले सप्ताह भी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है लेकिन छोटे और खुदरा निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गयी है क्योंकि बाजार में रिकार्ड स्तर होने की वजह से विदेशी संस्थागत निवेशकों के मुनाफावूसली करने की पूरी संभावना है।

समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.59 प्रतिशत अर्थात 219.31 अंक उठकर 37556.16 अंक पर रहा। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 0.73 फीसदी अर्थात 82.45 अंक बढ़कर 11360.80 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों की तुलना में छोटी और मझौली कंपनियों में अधिक लिवाली देखी गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.85 फीसदी अर्थात 294.27 अंक उछलकर 16209.89 अंक पर और स्मॉलकैप 2.33 प्रतिशत अर्थात 383.32 अंक चढ़कर 16833.52 अंक पर रहा।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूत निवेश धारणा के बीच बैंकिंग, ऊर्जा और पावर क्षेत्र की कंपनियों में लिवाली से शेयर बाजार एक बार फिर नये शिखर को छूने में कामयाब रहे। सेंसेक्स 157.55 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की छलाँग लगाकर 37,494.40 अंक पर बंद हुआ। यह लगातार छठा कारोबारी दिवस था जब बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया। निफ्टी 41.20 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 11,319.55 अंक पर पहुँच गया। इसके अगले दिन मंगलवार को लगभग पूरे दिन दबाव में रहने वाला घरेलू शेयर बाजार आखिरी क्षणों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में हुई तेज लिवाली के दम पर लगातार सातवें कारोबारी दिवस नये शिखर पर पहुँचने में कामयाब रहा। सेंसेक्स 112.18 अंक चढ़कर 37,606.58 अंक और निफ्टी 36.95 अंक की बढ़त में 11,356.50 अंक के नये रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।

बुधवार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने तीसरी द्विमासिक समीक्षा के बैठक के बाद महंगाई बढ़ने का जोखिम बताते हुये लगातार दूसरे महीने में नीतिगत दरों में एक चौथाई फीसदी की बढोतरी कर दी जिससे अावास, वाहन और व्यक्तिगत अादि ऋण के महंगे होने की आशंका बढ़ गयी। इसका असर बाजार पर दिखा जिससे बैंकिंग और ऑटो क्षेत्र की कंपनियों में बिकवाली देखी गयी तथा बीएसई का सेंसेक्स लगातार सात दिन रिकॉर्ड बनाने के बाद 84.96 अंक टूटकर 37,521.62 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले उसने बीच कारोबार का 37,711.87 अंक का नया रिकॉर्ड भी बनाया। निफ्टी भी ऐतिहासिक शिखर से फिसलता हुआ 10.30 अंक की गिरावट में 11,346.20 अंक पर रहा।

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टैरिफ तनाव के कारण वैश्विक स्तर से मिले नकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर नीतिगत दरों में बढोतरी करने से ऑटाे, रियल्टी और बैंकिंग के साथ ही रिलायंस एवं एचडीएफसी जैसी दिग्गज कंपनियों में हुयी बिकवाली के कारण गुरूवार को शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन करीब एक फीसदी की गिरावट लेकर बंद हुआ। सेंसेक्स 356.46 अंक फिसलकर 37165.16 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 101.50 अंक उतरकर 11244.70 अंक पर रहा। सप्ताहांत पर मानसून के सामान्य रहने के अनुमान के बाद वित्तीय और उपभोक्ता वस्तुओं के समूह सहित अधिकांश दिग्गज कंपनियों में हुयी लिवाली के बल पर शेयर बाजार दो दिनों की गिरावट से उबरते हुये एक फीसदी से अधिक की तेजी लेकर बंद हुआ। सेंसेक्स 391 अंक की बढ़त लेकर 37556.16 अंक पर और निफ्टी 116.10 अंक उछलकर 11360.80 अंक पर रहा।

समीक्षाधीन अवधि में सेंसेक्स में गिरावट में रहने वालों में एचडीएफसी 3.43 प्रतिशत, टाटा मोटर्स 3.34 प्रतिशत, मारूति सुजुकी 1.36 प्रतिशत शामिल है।

बढ़त में रहने वालों में कोल इंडिया 6.32 प्रतिशत, पारवग्रिड 5.57 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 3.74 प्रतिशत, ओएनजीसी 3.41 प्रतिशत, हीरो मोटोकार्प 1.56 प्रतिशत, वेदातां 0.93 प्रतिशत, महिंद्रा 1.08 प्रतिशत शामिल है।

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