स्वयं सहायता समूहों से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास: जेटली

स्वयं सहायता समूहों से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास: जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 36वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में आज कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिये न सिर्फ महिलाओं की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। नबार्ड के माध्यम से इस समय 85 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह बैंकों से जुड़े हुये हैं तथा 61581 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। इन समूहों की 90 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ हैं। नबार्ड के 35 साल के साथ स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज के पहल की रजत जयंती कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। श्री जेटली ने कहा स्वयं सहायता समूहों से बड़ी संख्या में महिलाओं के जुडऩे से उनका आत्मविश्वास, आत्म सम्मान और आर्थिक क्षमता बढ़ती है। बउन्होंने कहा कि ऋण चुकाने की उनकी क्षमता भी काफी ज्यादा है। वित्त मंत्री ने विकास की धारा से वंचित लोगों तक बैंकिंग तथा वित्त पोषण की सुविधाएँ पहुँचाने के लिए नाबार्ड की तारीफ की। उन्होंने कहा अर्थव्यवस्था जब तेजी से विकास करती है तो वर्ग विशेष को उसका स्वाभाविक लाभ मिलता है। शहरी क्षेत्र को, व्यवसाय करने वालों और व्यवस्थित अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों को इसका ज्यादा लाभ मिलता है। प्रगति के विस्तार में कुछ लोग छूट जाते हैं, हासिये पर रहने वालों को उतना लाभ नहीं मिलता है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ऐसे लोगों के लिए साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की वास्तविकता यह है कि संगठित क्षेत्र से ज्यादा लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इसलिए बैंकिंग व्यवस्था के साधन अलग-अलग योजनाओं के जरिये इस वर्ग के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नाबार्ड के माध्यम से बने लिंकेज का और विस्तार होगा।

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