आर कॉम के मात्र 35,300 ग्राहक, कर्मचारियों की संख्या घटकर 3,400

आर कॉम के मात्र 35,300 ग्राहक, कर्मचारियों की संख्या घटकर 3,400

नई दिल्ली। 'कर लो दुनिया मुठ्ठी' में स्लोग्न के साथ जोर-शोर से दूरसंचार सेवा शुरू करने वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने रिलायंस जियो के आने के बाद शुरू हुई गलाकट प्रतिस्पर्धा के कारण सीधे ग्राहकों (सीटूबी) को सेवा देने से बाहर होते हुये सिर्फ बिजनेस टू बिजनेस (बीटूबी) सेवा देने वाली कंपनी बन गयी है। कभी उसके पास 12 करोड़ ग्राहक होते थे। अब वैश्विक स्तर पर उनकी संख्या घटकर मात्र 35,300 रह गयी है और कर्मचारियों की संख्या भी 94 प्रतिशत घटकर मात्र 3,400 रह गयी है। भारतीय दूरसंचार उद्योग पर बने विलय अधिग्रहण के दबाव, टैरिफ युद्ध और वित्तीय तनाव को लेकर मीडिया में आ रही खबरों के मद्देनजर कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि इस वर्ष 31 जनवरी को वह बीटूसी वायरलेस कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल गयी। इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और नयी कंपनी रिलायंस जियो के बीच जारी टैरिफ युद्ध से वायरलेस क्षेत्र के सभी वित्तीय पैरामीटर खराब होते जा रहे हैं। दूरसंचार नियामक ट्राई की हाल ही में जारी इस क्षेत्र की राजस्व रिपोर्ट के अनुसार, वायरलेस कारोबार के राजस्व में वार्षिक आधार पर 21 फीसदी की कमी आयी है। कुल मिलाकर राजस्व में वार्षिक आधार पर 26 हजार करोड़ रुपये की कमी आयी है। आर. कॉम ने कहा है कि कभी उसके बीटूसी वायरलेस के 12 करोड़ से अधिक ग्राहक हुआ करते थे और एक समय कर्मचारियों की संख्या 52 हजार पर पहुंच गयी थी। इस वर्ष जनवरी में बीटूसी कारोबार से निकल कर सिर्फ बीटूबी कारोबार में रहने से वैश्विक स्तर पर अब उसके 35,300 ग्राहक हैं और कर्मचारियों की संख्या भी 94 फीसदी घटकर 3,400 रह गयी है। उसने कहा कि भारतीय वायरलेस उद्योग में जारी भारी उठापटक का अब उस पर कोई असर नहीं होने वाला क्योंकि वह गलाकट प्रतिस्पर्धा से बाहर हो चुकी है। अब वह पूरी तरह से बीटूबी कंपनी बन गयी है और अब स्थायी एंटरप्राइज कम्युनिकेशंस सेवायें और तेजी से बढ़ रहे डाटा सेंटर के क्षेत्र में कारोबार कर रही है जिसमें उसके 35,000 ग्राहक हैं। उसके वैश्विक समुद्री केबल कारोबार के भी वैश्विक स्तर पर 300 एंटरप्राइज ग्राहक भी हैं।

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