आईटीसी में 25 साल की सबसे बड़ी गिरावट, शेयरधारकों को तगड़ा नुकसान

आईटीसी में 25 साल की सबसे बड़ी गिरावट, शेयरधारकों को तगड़ा नुकसान

नई दिल्ली। सिगरेट पर क्षतिपूर्ति उपकर में बढोतरी की घोषणा से देश की सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी आईटीसी प्राइवेट लिमिटेड के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) तथा अन्य शेयरधारकों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद् की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा सिगरेट पर सेस बढ़ाने की घोषणा के बाद आज आईटीसी के शेयर 12.63 प्रतिशत यानी 41.15 रुपये लुढ़ककर 284.60 रुपये पर आ गये। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयरों की कीमत एक समय 14.99 प्रतिशत फिसलकर 276.90 रुपये प्रति शेयर तक उतर गयी थी। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट उसी में देखी गयी। इससे आईटीसी का बाजार पूंजीकरण आज 50,006.16 करोड़ रुपये घटकर 3,46,125.36 करोड़ रुपये रह गया। उसके शेयरों में 12 मई 1992 के बाद पहली बार इतनी भारी गिरावट दर्ज की गयी है। आईटीसी के कुल कारोबार में 60 प्रतिशत से ज्यादा और मुनाफे में तीन-चौथाई हिस्सा सिगरेट कारोबार का है। इस साल 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 14,882.75 करोड़ रुपये रहा था जिसमें 60.17 प्रतिशत यानी 8,954.94 करोड़ रुपये का राजस्व सिगरेट कारोबार से मिला था। कंपनी के में 16.29 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले एलआईसी को भी इस घोषणा के कारण खासा नुकसान उठाना पड़ा। बाजार खुलने के आधे घटे के भीतर कंपनी ने 7,000 करोड़ रुपये गँवा दिये। आईटीसी के अलावा अन्य सिगरेट कंपनियों को सिगरेट पर सेस लगाने के चपत लगी है। गोडफ्रे फिलिप्स के शेयरों के भाव 10.4 प्रतिशत और वीएसटी इंडस्ट्रीज के 8.30 फीसदी लुढ़क गये।

Share it
Share it
Share it
Top