पीएफसी का मुनाफा 22 फीसदी बढ़ा

पीएफसी का मुनाफा 22 फीसदी बढ़ा

नयी दिल्ली। ऊर्जा क्षेत्र को वित्त उपलब्ध करने वाली सरकारी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,373 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 1,122 करोड़ रुपये की तुलना में 22 फीसदी अधिक है।

कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा ने बुधवार को यहाँ संवाददाताओं को बताया कि 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी के ऋण उठाव में 13 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है। वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में 2,52,746 करोड़ रुपये की ऋण संपदा थी जो चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में बढ़कर 2,84,848 करोड़ रुपये पर पहुँच गयी है।

उन्होंने कहा कि जोखिम में फँसी संपदा में इस तिमाही में बढ़ोतरी नहीं हुयी है। हालाँकि 561 करोड़ रुपये का एक ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की श्रेणी में आ गया है, लेकिन इसी दौरान एक सरकारी बिजली परियोजना के 1,100 करोड़ रुपये के ऋण का उन्नयन कर पुनर्गठन की श्रेणी में डाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में 17,238 करोड़ रुपये के प्रावधान किये गये हैं जिनमें से 15,445 करोड़ रुपये के प्रावधान अनुमानित ऋण नुकसान के लिए किया गया है।

श्री शर्मा ने कहा कि पीएफसी की कुल ऋण संपदा 2.85 लाख करोड़ रुपये का है जिनमें से 2.33 करोड़ रुपये के ऋण सरकारी परियोजनाओं में हैं। निजी क्षेत्र में 52 हजार करोड़ रुपये के ऋण हैं जो कुल ऋण संपदा का 18 फीसदी है। इसमें से 21 हजार करोड़ रुपये के ऋण खाते का संचालन जारी है और ऋण का नियमति भुगतान मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि 28 परियोजनायें जोखिम में हैं जिनमें से पाँच परियोजनाओं में 5,300 करोड़ रुपये के ऋण हैं। इन खातों के वैधानिक निपटान की प्रक्रिया जारी है और इनमें कुछ कम वसूली होने का अनुमान है। कुल 8,254 करोड़ रुपये की पाँच परियोजनाओं का मामला निपटान के अंतिम चरण में है जबकि 8,156 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं में कर्जदारों ने समाधान की दिशा में काम शुरू किये हैं।

Share it
Top