इंफोसिस की आमदनी 12 प्रतिशत बढ़ी, बोनस शेयर की घोषणा

इंफोसिस की आमदनी 12 प्रतिशत बढ़ी, बोनस शेयर की घोषणा

बेंगलुरु। देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस की समग्र परिचालन आय चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 12 प्रतिशत बढ़कर 19,128 करोड़ रुपये पर पहुँच गयी। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 17,078 करोड़ रुपये रही थी। अच्छे वित्तीय परिणाम को देखते हुये कंपनी ने हर शेयर पर एक बोनस शेयर देने की घोषणा की है।
कंपनी के निदेशक मंडल की आज यहाँ हुई बैठक में वित्तीय परिणाम को मंजूरी दी गयी। गत 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में समग्र आधार पर कंपनी की कुल आमदनी 19,854 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 30 जून को समाप्त तिमाही के 17,892 करोड़ रुपये के राजस्व से 10.97 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी का समग्र शुद्ध मुनाफा 3.70 प्रतिशत बढ़कर 3,612 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 3,483 करोड़ रुपये रहा था। निदेशक मंडल ने हर शेयरधारक को पाँच रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक इक्विटी शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने का अनुमोदन किया है। हालाँकि, अभी इस फैसले को शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी शेष है। साथ ही प्रत्येक अमेरिकन डिपोजिटरी रसीद पर एक अतिरिक्त रसीद जारी करने का फैसला किया गया है।
आमदनी की तुलना में व्यय ज्यादा तेजी से बढऩे के कारण कंपनी का मुनाफा कम बढ़ा है। पहली तिमाही में उसका कुल व्यय 14,861 करोड़ रुपये रहा जो गत वर्ष की समान अवधि के 12,967 करोड़ रुपये के मुकाबले 14.61 फीसदी अधिक है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा Þराजस्व में अच्छी तेजी से पता चलता है कि एजाइल डिजिटल और एआई पर आधारित हमारी मुख्य सेवाओं को क्लाइंट पसंद कर रहे हैं। हमारा एजाइल डिजिटल कारोबार आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और एक अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डरों में वृद्धि हुई है।Þ
कंपनी के कुल राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान वित्तीय सेवा क्षेत्र का रहा। इस क्षेत्र के क्लाइंटों से प्राप्त उसका समग्र राजस्व 5,631 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,075 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। रिटेल क्षेत्र के क्लाइंटों से प्राप्त राजस्व 2,774 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,169 करोड़ रुपये हो गया।
तिमाही के दौरान उसके कर्मचारियों की संख्या 2,09,905 पर पहुँच गयी। इस साल 31 मार्च को यह 2,04,107 थी। इसमें सॉफ्टवेयर पेशेवरों की संख्या 1,92,179 से बढ़कर 1,97,637 हो गयी। हालाँकि, कंपनी छोड़कर जाने वालों का आँकड़ा भी 19.5 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया।

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