भरपूर उत्पादन के बावजूद चीनी आयात नहीं रोक सकते : पासवान

भरपूर उत्पादन के बावजूद चीनी आयात नहीं रोक सकते : पासवान

नयी दिल्ली। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान ने आज कहा कि देश में इस बार चीनी का भरपूर उत्पादन होने के बावजूद सरकार इसके आयात को नहीं रोक सकती है ।
श्री पासवान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चालू सीजन में 325 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है और पहले का 80 से 85 लाख टन चीनी का भंडार है लेकिन मांग कमजोर है जिसे इसकी कीमत में कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुये आयात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से इस पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से बढाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बावजूद निजी व्यापारी इसका आयात करते हैं तो इसे रोका नहीं जा सकता है। वैसे भी देश में पहले से यह नीति है कि जिस वस्तु का जितनी मात्रा में निर्यात किया जायेगा उतनी मात्रा में उसका आयात किया जा सकता है।
श्री पासवान ने कहा कि भारत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का सदस्य है और उसके नियम के तहत किसी भी वस्तु के आयात को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान से चीनी के आयात को कोई मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने उन्हें एक पत्र भी लिखा है जिसका वह जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश से कम से कम 20 लाख टन चीनी का निर्यात किया जायेगा। विदेश में चीनी का मूल्य 22 रुपये प्रति किलो है जबकि भारत में इसका मूल्य 27 रुपये प्रति किलो है। सरकार चीनी के निर्यात को बढाावा देने के लिए चीनी मिलों को प्रोत्साहन राशि दे रही है जिससे उन्हें मुनाफा हो सके।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि चालू सीजन के दौरान चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है जो चिन्ताजनक है। पिछली बार गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर बकाया 21 हजार करोड़ रुपये था जो अब घटकर 200 से 300 करोड़ रुपये के बीच रह गया है।

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