रक्षात्मक व्यापार नीति के असर का आंकलन मुश्किल: विश्व बैंक

रक्षात्मक व्यापार नीति के असर का आंकलन मुश्किल: विश्व बैंक

नई दिल्ली। विश्व बैंक ने कहा है कि दुनिया के विकसित देशों द्वारा रक्षात्मक व्यापार नीति अपनाये जाने से भारत के साथ दुनिया के अन्य देशों की अर्थव्यवस्था पर संभावित असर का अनुमान लगाना मुश्किल है। विश्व बैंक की प्रमुख अर्थशास्त्री पूनम गुप्ता ने यहाँ भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्व बैंक की रिपोर्ट भारतीय विकास अपडेट जारी करते हुये कहा कि अभी यह आंकलन करना मुश्किल है कि इसका कितना असर होगा। आज वैश्विक मूल्य श्रृंखला इस प्रकार एक-दूसरे से जुड़ी है कि इसका व्यापक असर होगा, लेकिन कितना होगा यह कहना कठिन है। अमेरिका ने हाल ही में इस्पात और अल्युमीनियम के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसके अलावा वह चीन से कुछ अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर रक्षात्मक व्यापार नीति की होड़ शुरू होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह दु:खद है कि हम दोबारा उसी युग की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ से हम निकलकर आये हैं। हालाँकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और पिछले कुछ समय में इसने साबित किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का इस पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है। अमेरिका में ब्याज दर बढ़ाने के प्रभाव के बारे में श्रीमती गुप्ता ने कहा कि अगले सप्ताह होने वाली बैठक में दरों में बढ़ोतरी लगभग तय है, लेकिन इनका असर वित्तीय बाजार तक सीमित रहेगा।

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