जीएम सरसों से जुडी नीति पर अंतिम फैसला नहीं

जीएम सरसों से जुडी नीति पर अंतिम फैसला नहीं

नयी दिल्ली। केंद्र ने अनुवांशिकी रूप से प्रसंस्कृत सरसों की वाणिज्यिक खेती से जुडी नीति पर अभी अंतिम फैसला नहीं किया है । केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को आज यह सूचना दी । अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड की पीठ को बताया कि केंद्र सरकार इस मामले से जुडे विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही है । केंद्र ने यह भी बताया कि जीएम फसलों की वाणिज्यिक खेती पर जनता के सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गयी हैं । न्यायालय ने सरकार को एक हफ्ते में यह सूचित करने को कहा कि वह इसकी वाणिज्यिक खेती पर'सुविचारित और'अच्छे इरादों वाली नीति सम्बन्धी फैसला कब करेगी । याचिकाकर्ता अरूणा रोड्रिग्ज ने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न खेतों में जीएम सरसों के बीज बो रही है । उसने यह भी कहा है कि जैव सुरक्षा सम्बन्धी दस्तावेज वेबसाइट पर डाल दिये गये हैं जबकि अभी तक ऐसा नहीें किया गया है । उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को उसके अगले आदेश तक जीएम सरसों की वाणिज्यिक खेती पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

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