सिगरेट पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर में बढोतरी

सिगरेट पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर में बढोतरी

नयी दिल्ली। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद जीएसटी परिषद की आज हुई पहली बैठक में सिगरेट पर क्षतिपूर्ति उपकर में 792 रुपये प्रति हजार तक की बढोतरी करने का निर्णय लिया गया है जो आज मध्य रात्रि से प्रभावी हो जायेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद के सदस्यों के साथ वीडियो कांफ्रेङ्क्षसग के जरिये बैठक करने के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी। श्री जेटली ने कहा कि सिगरेट पर पहले 28.7 प्रतिशत वैट लग रहा था इसलिए इसे 28 फीसदी जीएसटी दर की श्रेणी में रखा गया था। इस पर 1.05 गुना जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर लगाया था लेकिन इससे सिगरेट पर पहले लग रहे कुल कर की तुलना में जीएसटी कर में कमी आ गयी थी।
उन्होंने कहा कि इस कमी का लाभ विनिर्माता उठा रहे थे और इसी को ध्यान में रखते हुये सिगरेट पर क्षतिपूर्ति उपकर में बढोतरी करने का निर्णय लिया गया है। इस वृद्धि के बाद अब बगैर फिल्टर 65 एमएम सिगरेट पर पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 2076 रुपये प्रति हजार क्षतिपूर्ति उपकर लगेगा। पहले यह पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 1591 रुपये था। इसी तरह से 65 एमएम से बड़े सिगरेट के लिए यह पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 3668 रुपये हो जायेगा जो पहले पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 2876 रुपये था। इसी तरह से 65 एमएम फिल्टर सिगरेट पर पांच प्रतिशत से इतर 2076 रुपये प्रति हजार क्षतिपूर्ति उपकर लगेगा। पहले यह पांच प्रतिशत से इतर 1592 रुपये था। 65 एम एम से बड़े और 70 एमएम से छोटे सिगरेट पर यह पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 2747 रुपये हो गया है। पहले यह पांच प्रतिशत के अतिरिक्त 2126 रुपये था। अब 70 एमएम से बड़े फिल्टर सिगरेट पर पांच प्रतिशत के प्लस 3668 रुपये क्षतिपूर्ति उपकर लगेगा जो अभी पांच प्रतिशत पल्स 2876 रुपये है। अन्य सभी सिगरेट पर पांच प्रतिशत पल्स 4170 रुपये क्षतिपूर्ति उपकर लग रहा है जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत पल्स 4170 रुपये हो गया है।
श्री जेटली ने कहा कि अब तक 70 लाख व्यापारी जीएसटी के लिए पंजीयन करा चुके हैं। पांच लाख नये व्यापारियों ने पंजीयन कराया है जबकि 2.5 लाख आवेदन लंबित है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की अब अगस्त महीने के पहले सप्ताह बैठक होगी जिसमें जीएसटी प्रगति की समीक्षा की जायेगी।

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