प्रोटीन, जिंक से भरपूर फसलों की नयी किस्में जारी

प्रोटीन, जिंक से भरपूर फसलों की नयी किस्में जारी

नयी दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्र ने आज कहा कि पिछले एक साल के दौरान फसलों के 310 किस्में को जारी की गयी हैं, जिनमें 12 ऐसी किस्में हैं, जिनमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन , जिंक और दूसरे सूक्ष्म पोषक तत्व हैं।
डॉ. महापात्र ने यहां परिषद के 89 वें स्थापना दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में ही नहीं लगे हैं बल्कि वे कुपोषण की समस्या को लेकर भी चिन्तित हैं और इसी को ध्यान में रखकर पोषक तत्वों से भरपूर फसलों का विकास कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि प्रोटीन से भरपूर धान की सीआर धान 310 , उच्च जिंक वाली डीआरआर 45 धान , भरपूर मात्रा में ङ्क्षजक वाली छत्तीसगढ़ जिंक राइस एक , ङ्क्षजक एवं लौह तत्वों वाला डब्ल्यू बी -2 गेहूं , इन्हीं तत्वों से भरपूर एचपीबीडब्ल्यू 01 गेहूं और पूसा विवेक क्वालिटी प्रोटीन मेज 9 जारी किया गया है । मक्का की इस किस्म में विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में है । बाजरें की एएचबी - 1200 किस्म को जारी किया गया है, जिसमें भरपूर मात्रा में लौह तत्व हैं । इसके अलावा कई अन्य किस्मों को भी जारी किया गया है ।
फसलों की 310 किस्मों में से अनाज की 155 , दलहन की 43 , तिलहन की 50 , रेशा फसलों की 33 , तथा गन्ना के नौ किस्म शामिल हैं । डॉ. महापात्र ने कहा कि किसान बागवानी से पर्याप्त मात्रा में आय अर्जित कर रहे हैं , जिसे ध्यान में रखते हुए बागवानी के लिए 51 नयी किस्में जारी की गयी है । इनमें कई ऐसी किस्में हैं, जो प्रसंस्करण उद्योग के लिए बहुत ही उपयुक्त हैं । इससे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ सकेगी ।
उन्होंने कहा कि किसानों की सहायता के लिए 55 नये उपकरण जारी किये गयें हैं , जिनसे कम समय में अधिक से से अधिक कार्य किया जा सकता है । कुछ उपकरणों को महिलायें आसानी से चला सकती हैं । डॉ महापात्र ने बताया कि पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए तीन टीकों का विकास किया गया है और 15 बीमारियों के उपचार के लिए डायनोस्टिक कीट का विकास किया गया है।

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