जीएसटी में पुरानी वस्तुओं के डीलरों के लिए मार्जिन स्कीम

जीएसटी में पुरानी वस्तुओं के डीलरों के लिए मार्जिन स्कीम

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के मद्देनजर पुरानी वस्तुओं, विशेषकर खाली बोतलों का कारोबार करने के वालों के लिए मार्जिन स्कीम शुरू की गयी है जिसका लाभ इस कारोबार से जुड़ा कोई भी पंजीकृत व्यक्ति उठा सकता है। सरकार ने आज यहां एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि जीएसटी के तहत पुरानी वस्तुओं के डीलरों और पुराने तथा उपयोग की जा चुकी बोतलों के कारोबारियों के लिए शुरू की गयी मार्जिन स्कीम को लेकर आशंकायें जतायी जा रही है। उसने कहा कि केन्द्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) नियम 2017 के अनुसार पुरानी वस्तुओं या वस्तु की प्रकृति में बदलाव नहीं करने वाले कुछ मामूली प्रसंस्करणों जिनके लिए इनपुट क्रेडिट नहीं दिया जायेगा, उन पर सिर्फ वस्तु के क्रय मूल्य और विक्रय मूलय में अंतर पर कर लगेगा। यदि यह अंतर ऋणात्मक है, यानी यदि विक्रय मूल्य खरीद मूल्य से कम है तो इसकी अनदेखी की जा सकती है और यही मार्जिन स्कीम है। उसने कहा कि केन्द्रीय कर (दर) के संबंध में जारी अधिसूचना में पुरानी वस्तुओं का पंजीकृत व्यक्ति द्वारा जो गैर पंजीकृत व्यक्ति से पुरानी वस्तुओं की खरीद बिक्री का कारोबार करता है और जो इस तरह की पुरानी वस्तुओं की आपूर्ति पर केन्द्रीय कर चुकाता है, को एक ही राज्य के अंदर आपूर्ति पर केन्द्रीय कर से छूट दी गयी है। ऐसा इसलिए किया गया है कि पंजीकृत व्यक्ति द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं पर दोहरे कर से बचा जा सके क्योंकि वह व्यक्ति मार्जिन स्कीम के तहत काम कर रहा है जिसमें पुरानी वस्तुओं की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता है। इसलिए मार्जिन स्कीम का लाभ पुरानी और उपयोग की गयी खाली बोतलों सहित सभी पुरानी वस्तुओं का क्रय-विक्रय करने वाला कोई भी पंजीकृत व्यक्ति लाभ उठा सकता है, लेकिन उसे सीजीएसटी नियम 2017 के नियम 32(5) की शर्ताें का पूरा करना होगा।

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