अगले सप्ताह शेयर बाजार में हो सकती भारी बिकवाली

अगले सप्ताह शेयर बाजार में हो सकती भारी बिकवाली

मुंबई। वैश्विक स्तर से मिले सकारत्मक संकेतों के बल पर बीते सप्ताह रिकार्ड स्तर पर पहुंच कर कीर्तिमान बनाने वाले शेयर बाजार पर अगले सप्ताह भारी दबाव दिख सकता है क्योंकि आर्थिक गतिविधियों में रही भारी गिरावट के कारण बाजार में मुनाफावूसली देखी जा सकती है। ऐसे में छोटे निवेशकों को सबसे अधिक सर्तकता बरने की सलाह दी गयी है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की होने वाली तीन दिवसीय बैठक के बाद पांच दिसंबर को जारी होने वाली मौद्रिक नीति , वाहनों की बिक्री और विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के आंकड़ों के साथ ही वैश्विक स्तर पर हो रहे घटनाक्रम से अगले सप्ताह बाजार की चाल तय होगी। अर्थव्यवस्था में आयी भारी गिरावट के कारण रिजर्व बैंक के ब्याज दरों में एक चौथाई फीसदी की कटौती की उम्मीद की जा रही है। बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 41131 अंक के अब तक रिकार्ड स्तर को छूने में सफल रहा था। सप्ताहांत पर बीएसई का 30शेयरों वाला सेंसेक्स 1.07 प्रतिशत अर्थात 434.40 अंक बढ़कर 40793.81 अंक पर रहा था। इसी तरह से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 141.65अंक चढ़कर 12056.05 अंक पर रहा। छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली को जोर देखा गया जिससे बीएसई का मिडकैप 346.19 अंक बढ़कर 15084.86 अंक पर और स्मॉलकैप 206.79 अंक चढ़कर 13560.57 अंक पर रहा। विश्लेषकों का कहा कि बीते सप्ताह शेयर बाजार रिकार्ड बनाने में सफल रहा लेकिन अगले सप्ताह भारी बिकवाली देखी जा सकती है क्योंकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के छह वर्ष के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर लुढ़कने के कारण बाजार में भारी बिकवाली देखी जा सकती है। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि अर्थव्यवस्था अब सुस्ती से लगभग बाहर हो रही है और अगली तिमाही से इसमें बढोतरी दर्ज की जा सकती है। बाजार अध्ययन करने वाली कंपनी ट्रेडिगबेल्स के सह संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित गुप्ता ने कहा कि बीते सप्ताह बाजार में जिस तरह की तेजी देखी गयी थी उसके मद्देनजर अगले सप्ताह बाजार में भारी दबाव दिख सकता है। जीडीपी में गिरावट के साथ ही कोर उत्पाद में कमी आने के कारण बाजार पर दबाव बनेगा। रिजर्व बैंक की नीति गुरूवार को जारी होगी तब तक तीन दिन तक बाजार पर बिकवाली हावी हो सकती है। इसके कारण निफ्टी 11700 अंक तक फिसल सकता है। एपिक रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुस्तफा नदीम ने बाजार में बिकवाली देखे जाने की आशंका जताते हुये कहा कि मुनाफावसूली के दबाव में निफ्टी 11800 अंक तक उतर सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह गिरावट अस्थायी होगी और इस महीने में ही निफ्टी 12200 अंक को पार सकता है। सोमवार को सेंसेक्स 41 हजार अंक की ओर लपकते हुये 40865 अंक के निये शिखर पर पहुंच गया। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 12064 अंक पर रहा। वैश्विक स्तर के मिलेजुले संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर टेलीकॉम, आईटी और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र के समूहों में हुयी मुनाफावूसली के कारण नये शिखर को छूने के बाद शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट लेकर बंद हुआ। बीएसई का सेंसेक्स 41100 अंक के नये रिकार्ड स्तर को पार करने के बाद बिकवाली के दबाव में 67.93 अंक उतरकर 40821.30 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी पहली बार 12132 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद 36.05 अंक गिरकर 12037.70 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव के समाप्त होने की उम्मीद में वैश्विक स्तर पर हुयी लिवाली से मिले समर्थन के बल बुधवार को सेंसेक्स अब तक रिकार्ड स्तर 41 हजार अंक के पार बंद होने में सफल रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 12100 अंक के स्तर पर रहा। सेंसेक्स 199.31 अंक बढ़कर 41020.61 अंक पर और निफ्टी 63 अंक बढ़कर पहलीबार 12100.70 अंक पर बंद हुआ। मासिक वायदा एवं विकल्प सौदों के निपटान और बैंकिंग, टेलीकॉम, धातु जैसे समूहों में हुयी लिवाली के बल पर गुरूवार को शेयर बाजार नये रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स 109.56 अंक चढ़कर अब तक के सर्वाधिक रिकार्ड स्तर 41130.17 अंक पर और निफ्टी 53.60 अंक चढ़कर 12154.30 अंक के अब तक रिकार्ड स्तर पर बंद हुआ। शुक्रवार को सेंसेक्स के 41,143 अंक के पार पहुँचने पर हुई मुनाफावसूली के कारण यह 336.36 अंक गिरकर 41 हजार अंक से नीचे 40,793.81 अंक पर और निफ्टी 95.10 अंक गिरकर 12,056.05 अंक पर रहा।

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