स्पाइसजेट शुरू करेगी मालवाहक विमान सेवा

स्पाइसजेट शुरू करेगी मालवाहक विमान सेवा

नई दिल्ली। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने आज अपनी मालवाहक विमान सेवा स्पाइस एक्सप्रेस शुरू करने की घोषणा की। स्पाइस एक्सप्रेस की सेवा 18 सितंबर से शुरू होगी। कंपनी ने फिलहाल इसके लिए एक बोइंग 737-700 विमान लीज पर लिया है तथा इस साल के अंत तक तीन और विमान उसके मालवाहक बेड़े में शामिल किये जायेंगे। स्पाइसजेट वर्तमान समय में नियमित यात्री विमान सेवा देने वाली देश की एक मात्र कंपनी है जो मालवाहन विमान सेवा शुरू कर रही है। इससे पहले सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने एयर इंडिया कार्गो की स्थापना की थी, लेकिन वर्ष 2012 से उसका परिचालन बंद है। हालाँकि, यात्री विमानों की बेली में भी सामान के लिए जगह होती है, जिसका इस्तेमाल मालवाहन के लिए किया जाता है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश में हवाई मार्ग से मालवाहन (कार्गो) के लिए काफी संभावनाएँ हैं। यह नयी शुरुआत है जिससे कार्गो के क्षेत्र की विकास की रफ्तार बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कार्गो और लॉजिस्टिक्स देश की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। सरकार एक नयी कार्गो नीति बना रही है जिसमें बहुआयामी लॉजिस्टिक समाधान ढूँढऩे का प्रयास किया जाएगा। मालवाहक विमान सेवा उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। श्री सिन्हा ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत से अनन्नास, अनन्नास केक, अनन्नास आइसक्रीम, ऑर्चिड जैसे उत्पादों की हवाई मार्ग से डिलिवरी कर उन्हें खराब होने से पहले गंतव्य तक पहुँचाया जा सकता है। नोएडा में बन रहे जेवर हवाई अड्डे के भी बड़े हिस्से में कार्गो की सुविधा होगी। वहाँ से मोबाइल तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात भारी मात्रा में होने की संभावना है। नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने कहा कि स्पाइसजेट की इस पहल के बाद अन्य विमान सेवा कंपनियाँ भी मालवाहक विमान सेवा क्षेत्र में उतरेंगी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा कि प्राधिकरण अपने सभी हवाई अड्डों पर कार्गो के लिए जरूरी बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एएआई देश भर में सवा सौ से ज्यादा हवाई अड्डों का संचालन करता है। स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि यात्री विमानों की 'बेलीÓ का उपयोग करते हुये इस समय कंपनी की मालवाहन क्षमता 15 हजार टन मासिक है जो चार मालवाहक विमानों के शामिल होने के साथ इस साल के अंत तक बढ़कर 27 हजार टन हो जायेगी। यदि स्पाइस एक्सप्रेस का प्रयोग सफल रहा तो कंपनी अगले साल पाँच-छह और मालवाहक विमान लीज पर लेगी। इससे उसकी क्षमता 40 हजार से 50 हजार टन मासिक के बीच हो जायेगी। कंपनी की योजना अगले कुछ वर्षों में अपनी मालवाहन क्षमता बढ़ाकर करीब एक लाख टन करने की है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कंपनी दवाओं, मानव अंगों, जीवित जानवरों तथा पक्षियों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों और जल्द खराब होने वाले महँगे कृषि उत्पादों की ढुलाई का लक्ष्य लेकर चल रही है। कार्गो सेवा के लिए संभावित सेक्टरों में पहले दिल्ली, बेंगलुरु, गुवाहाटी और अमृतसर को लक्ष्य किया जा रहा है। जल्द ही हांगकांग और काबुल के लिए भी माल परिवहन सेवा शुरू की जायेगी। अभी देश में सिर्फ पाँच मालवाहन विमान परिचालन में हैं जो निजी कुरियर कंपनी के पास हैं। श्री सिंह ने कहा कि कंपनी के कुल राजस्व में यात्री परिवहन से इतर कारोबार की हिस्सेदारी अभी 17 प्रतिशत के करीब है जो इस साल के अंत तक बढ़कर 25 प्रतिशत पर पहुँचने की उम्मीद है।

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